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शिक्षक संघ के पदाधिकारी घेराव करने पहुचे बीईओ कार्यालय
शिक्षक संघ के पदाधिकारी घेराव करने पहुचे बीईओ कार्यालय
छत्तीसगढ़

बीईओ पर भ्रष्टाचार व अनियमितता के आरोप, शिक्षक संघ ने कार्यालय घेरा, उच्चस्तरीय जांच की मांग

महासमुंद में बीईओ लीलाधर सिन्हा पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाते हुए सर्व शिक्षक संघ ने कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें हटाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की। शिक्षकों ने अवकाश स्वीकृति में अवैध वसूली, फर्जी बिल और अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगाए। एक शिक्षिका ने भी अवकाश के बदले पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया, जबकि बीईओ ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अवकाश प्रशासनिक कारणों से रोका गया था।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 15 Apr 2026, 03:07 PM · अपडेट: 18 Sep 2026, 03:32 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) महासमुंद की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, पक्षपात और तानाशाही के आरोपों से नाराज़ सर्व शिक्षक संघ ने बुधवार को बीईओ कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।  प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं और उन्होंने नारेबाजी करते हुए बीईओ लीलाधर सिन्हा को तत्काल पद से हटाने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।  
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बीईओ कार्यालय में लंबे समय से मनमानी का माहौल बना हुआ है, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को मानसिक, आर्थिक तथा प्रशासनिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। इसके चलते न केवल कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है, बल्कि विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। 
लगाए गंभी आरोप 
संघ से जुड़े पदाधिकारियों—जिला संयोजक टेकराम सेन, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बक्श और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नारायण चौधरी—ने आरोप लगाया कि बीईओ के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इनमें संतान पालन अवकाश के नाम पर कथित अवैध वसूली, ऑनलाइन आवेदनों की अनदेखी, स्टेशनरी वितरण में अनियमितता, चुनिंदा कर्मचारियों को ही अवकाश स्वीकृत करना, कार्यालय व्यय में गड़बड़ी, फर्जी बिलों का उपयोग, नियम विरुद्ध यात्रा भत्ता और अन्य प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
समाधान नहीं मिलने पर सत्याग्रह 
प्रदर्शन के दौरान संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो 27 अप्रैल से बीईओ कार्यालय के सामने आमरण अनशन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर लोहिया चौक से मुख्यमंत्री निवास तक पदयात्रा और सत्याग्रह करने की योजना भी बनाई गई है। साथ ही संघ ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर विधायक, कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भी ज्ञापन सौंपेंगे।
महिला शिक्षक का गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मुढ़ेना में पदस्थ शिक्षिका सविता साहू ने बीईओ लीलाधर सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान देखभाल के लिए 6 नवंबर 2025 को ऑनलाइन संतान पालन अवकाश का आवेदन किया था।
शिक्षिका के अनुसार, अवकाश स्वीकृति के बदले उनसे हर महीने 5000 रुपये की मांग की गई, जो तीन महीने के लिए कुल राशि बनती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संघ पदाधिकारियों से चर्चा के बाद उन्हें केवल 30 दिन का अवकाश टुकड़ों में स्वीकृत किया गया। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को पुनः आवेदन करने पर भी उनका अवकाश यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि निर्धारित राशि नहीं दी गई है। शिक्षिका ने दावा किया कि उनके साथ ऐसा एक बार नहीं बल्कि तीन बार हुआ।
आरोप निराधार 
वहीं बीईओ लीलाधर सिन्हा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित शिक्षिका को उनके पहले आवेदन पर अवकाश स्वीकृत किया गया था। उन्होंने बताया कि दूसरी बार किए गए आवेदन के दौरान स्कूलों में परीक्षा कार्य चल रहा था, जिस कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए अवकाश अस्वीकार किया गया।
बीईओ ने यह भी कहा कि उन पर लगाए गए अवकाश के बदले राशि मांगने के आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्व शिक्षक संघ द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत और तथ्यहीन हैं।
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