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सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने सौपा ज्ञापन
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने सौपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़

सुप्रीम कोर्ट के टीईटी निर्णय के खिलाफ शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, अनिवार्यता शिथिल करने की मांग

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को सेवारत शिक्षकों के लिए शिथिल करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय से 20–25 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर अनावश्यक परीक्षा की बाध्यता लगाई गई है, जबकि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी लागू नहीं था। संगठन ने इसे अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की अपील की है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
01 May 2026, 12:51 PM
महासमुंद
महासमुंद टीईटी की अनिवार्यता को शिथिल करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने टीचर फाउंडेशन आफ इंडिया के  राष्ट्रीय स्तरीय आह्वान पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री शिक्षामंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा को ज्ञापन सौंपा।

सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग

सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर ने बताया कि सितंबर 2025 के माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय ने सेवारत शिक्षकों को भी टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण करने का फरमान जारी किया है इस निर्णय से पूरे देश के शिक्षकों चिंता में डाल दिया है। पच्चीस सालों की सेवा देने के बाद शिक्षकों से शिक्षक पात्रता परीक्षा लेने का यह निर्णय शिक्षकों के साथ कुठाराघात है।
सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की अपील
राज्य सरकार से आज ज्ञापन के माध्यम से टी एफ आई के शिक्षक अपील करते हैं कि इस अव्यवहारिक निर्णय के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार पुनर्यचिका प्रस्तुत कर इस निर्णय पर विचार करने में सहयोग प्रदान करे ।
इस अवसर पर  जिला सल संरक्षक बीपी मेश्राम ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता ऐसे शिक्षको पर थोपी जा रही जब इन शिक्षकों की नियुक्ति हुई उस वक्त शिक्षक पात्रता परीक्षा का जन्म ही नहीं हुआ था ।
नियुक्ति के समय टीईटी की अनिवार्यता नहीं थी
नियुक्ति के समय जब इसकी अनिवार्यता नहीं थी तो अब बीस पच्चीस साल नौकरी करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य करना न्याय संगत नहीं है इस निर्णय पर पुनः विचार कर इसको शिथिल करना चाहिए आज ज्ञापन सौंपने के लिए  प्रमुख रूप से ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश बघेल ब्लाक अध्यक्ष राजेश चंद्राकर, आत्माराम साहू  राजेश भालेराव मुकेश बैस सहित सदस्यगण  उपस्थित थे।
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