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दुर्ग साइबर ठगी आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग साइबर ठगी आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग

एक्शन : अपना बैंक खाता देना पड़ा भारी, साइबर ठगी मामले में 9 लोगों पर पुलिस का शिकंजा

दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। जांच में खातों से लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 20 Jul 2026, 10:10 AM · अपडेट: 30 Oct 2026, 06:28 PM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुरानी भिलाई थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग कुछ हजार रुपए के कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। 
पुलिस के अनुसार, इन बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से मिली रकम को इधर-उधर भेजने और उसका असली स्रोत छिपाने के लिए किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में 7 लोग खाताधारक हैं, जबकि 2 आरोपी एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, जो खाताधारकों और साइबर अपराधियों के बीच संपर्क करवाते थे।

बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड देकर लेते थे कमीशन

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने बैंक खाते के साथ-साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड तक साइबर अपराधियों को सौंप देते थे। इसके बदले उन्हें 2 हजार से 10 हजार रुपए तक का कमीशन दिया जाता था। आरोपी संजय निषाद और मनोज कुमार साहू साइबर अपराधियों और खाताधारकों के बीच कड़ी का काम कर रहे थे। वे लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे। जांच के दौरान पुलिस को कई बैंक खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है। साइबर ठग इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते थे, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

बैंक खाता देना भी साइबर अपराध में शामिल माना जाएगा

दुर्ग पुलिस ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी तरह के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस के मुताबिक, अगर किसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता है तो संबंधित खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची

लक्की खुटेल (22), ग्राम फुंडा, थाना बोरी भारत गिरी (25), गौतम नगर सुपेला भोज ठाकुर (24), खुर्सीडीह, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव चोमन साहू (27), खुर्सीडीह, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव कमलेश देशलहरे (24), ग्राम फुंडा, थाना बोरी रमाकांत साहू (28), ग्राम मचान्दुर, थाना उतई आकाश भट्ट (22), लक्ष्मी नारायण चौक, अहिवारा, थाना नंदनी नगर संजय निषाद (30), ग्राम दानिया, थाना बोरी (एजेंट) मनोज कुमार साहू (30), ग्राम कुर्सीडीही, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव (एजेंट) 

पुलिस ने जब्त किए बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे बैंक खाते या अन्य जरूरी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें। थोड़े पैसे के लालच में ऐसा करना भविष्य में बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।
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