राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियमों के उल्लंघन को लेकर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। बैंक पर आरोप है कि उसने अपने कर्मचारियों से जुड़े कुछ खातों में RBI के निर्धारित नियमों से 1 प्रतिशत अधिक ब्याज का भुगतान किया। बैंक प्रबंधन ने बताया कि जुर्माने की राशि जमा कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, नाबार्ड के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने 15 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 तक राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान बैंक के स्टाफ से जुड़े 143 खातों में तय नियमों से अधिक ब्याज दिए जाने की बात सामने आई। नाबार्ड ने अपनी जांच रिपोर्ट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भेजी, जिसके आधार पर RBI ने बैंक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
106 खातों से वसूली गई अतिरिक्त राशि
बैंक के CEO सुधीर सोनी ने बताया कि नाबार्ड की जांच रिपोर्ट के बाद बैंक ने मामले की समीक्षा की। जांच में पाया गया कि 143 खातों में से 29 खातों में ब्याज की गणना सही थी, जबकि 106 खातों में अतिरिक्त ब्याज का भुगतान हुआ था। उन्होंने बताया कि कुछ खाते ऐसे भी थे, जो कर्मचारियों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों के नाम पर संचालित हो रहे थे। इन खातों में भी नियम से अधिक ब्याज चला गया था। CEO के अनुसार, बैंक ने गलत तरीके से दिए गए अतिरिक्त ब्याज की राशि की वसूली शुरू की और 106 खातों से कुल 3 लाख 93 हजार रुपए वापस प्राप्त किए गए। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई 2026 को RBI की ओर से जुर्माने से संबंधित पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके बाद बैंक ने 1 लाख रुपए की जुर्माना राशि जमा कर दी है।आगे नियमों के पालन का आश्वासन
RBI ने यह कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत की है। बैंक प्रबंधन ने कहा है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए बैंकिंग नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा।