शहरवासियों को बेहतर वातावरण और मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजनांदगांव नगर निगम ने अलग-अलग इलाकों में उद्यान विकसित किए हैं। इन उद्यानों के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब कई उद्यानों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कहीं हरियाली गायब हो रही है तो कहीं टूटे झूले, सूखे पौधे और गंदगी नजर आ रही है। शहरवासियों का कहना है कि निर्माण के बाद यदि नियमित देखरेख और मरम्मत पर ध्यान दिया जाता तो उद्यानों की स्थिति इस तरह खराब नहीं होती। उद्यानों में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले और अन्य खेल उपकरण भी कई स्थानों पर खराब हो चुके हैं। टूटे और जर्जर झूलों के कारण बच्चों के घायल होने का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को पार्क में खेलने के लिए लेकर आते समय उन्हें लगातार सावधानी बरतनी पड़ती है।
बच्चों के टूटे झूलों से हादसे का खतरा
कई बार खराब उपकरणों और अव्यवस्था की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान भी दिलाया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। लोगों ने मांग की है कि खराब झूलों की जांच कर उन्हें तत्काल सुधारा जाए और जो उपकरण इस्तेमाल योग्य नहीं हैं, उन्हें बदलकर नए उपकरण लगाए जाएं।
शहर की सुंदरता बढ़ाने और लोगों को स्वच्छ वातावरण देने के उद्देश्य से उद्यानों में बड़ी संख्या में फूलदार और सजावटी पौधे लगाए गए थे। नियमित देखरेख नहीं होने के कारण कई स्थानों पर पौधे सूख चुके हैं और कुछ जगह खाली जमीन दिखाई देने लगी है।
गायब हो रही उद्यानों की हरियाली
शहरवासियों का कहना है कि पौधों की नियमित सिंचाई, कटाई-छंटाई और नए पौधों का रोपण किया जाए, ताकि उद्यानों की हरियाली फिर से लौट सके। कई उद्यानों में नियमित साफ-सफाई नहीं होने की शिकायत भी सामने आ रही है। परिसर के अलग-अलग हिस्सों में कचरा और गंदगी जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। स्थिति का असर उद्यानों में आने वाले लोगों की संख्या पर भी पड़ रहा है। सुबह और शाम टहलने के लिए पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि उद्यानों का वातावरण साफ और व्यवस्थित होना चाहिए, लेकिन कई जगह स्थिति इसके उलट दिखाई देती है। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। लोगों ने नगर निगम से नियमित सफाई व्यवस्था बनाने और उद्यानों की निगरानी के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
बारिश में और बिगड़ रही पार्कों की व्यवस्था
बारिश के मौसम में उद्यानों की स्थिति और अधिक खराब होने की बात सामने आ रही है। कई स्थानों पर पानी और कीचड़ के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। पर्याप्त रखरखाव नहीं होने से उद्यानों के रास्ते और खुले हिस्से भी प्रभावित हो रहे हैं। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए गए इन उद्यानों का उद्देश्य लोगों को सुबह-शाम घूमने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना था। इसके बावजूद मौजूदा अव्यवस्था के कारण शहरवासियों को इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
शहर में बनाए गए 45 से अधिक उद्यान
राजनांदगांव नगर निगम द्वारा शहरी सौंदर्यीकरण के तहत शहर में कई उद्यानों, पार्कों और वाटिकाओं का निर्माण तथा कायाकल्प किया गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में 45 से अधिक उद्यानों का निर्माण किया गया है। वहीं जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में बीस से अधिक प्रमुख उद्यानों की व्यवस्था बताई जा रही है। इन स्थानों को विकसित करने के पीछे शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ नागरिकों को मनोरंजन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का उद्देश्य था। अब रखरखाव की कमी के कारण इन पर खर्च की गई राशि और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं।चौपाटी तक सामने आ रही समस्या
नेहरू नगर उद्यान से लेकर चौपाटी और शहर के अन्य क्षेत्रों में स्थित उद्यानों में रखरखाव से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कहीं झूले खराब हैं तो कहीं पौधों और साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। लोगों का कहना है कि केवल उद्यानों का निर्माण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और समय-समय पर मरम्मत भी जरूरी है। यदि छोटी-छोटी समस्याओं को समय रहते दूर नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इन उद्यानों को दोबारा व्यवस्थित करने पर अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ सकती है।