Arang illegal liquor case: रायपुर पुलिस ने क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब कारोबार पर बड़ी स्ट्राइक की है। आरंग थाना पुलिस की इस कार्रवाई में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें सरकारी शराब दुकान की रखवाली करने वाले कर्मचारी ही तस्करी के मास्टरमाइंड निकले। पुलिस ने रानीसागर के पास घेराबंदी करके एक अर्टिगा कार से भारी मात्रा में शराब जब्त की है और शराब दुकान के सुपरवाइजर, सेल्समैन, मल्टी वर्कर तथा एक शासकीय शिक्षक सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के नेतृत्व में पुलिस की टीम इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से खबर मिली कि ग्राम गुल्लू शराब भट्ठी से एक सफेद रंग की अर्टिगा कार (CG 04 QB 5200) में भारी मात्रा में देशी शराब लोड की गई है, जिसे अवैध रूप से बेचने के लिए ग्राम रानीसागर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने ग्राम रानीसागर स्थित हनुमान मंदिर के पास जाल बिछाया। जैसे ही बताई गई अर्टिगा कार वहां पहुंची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया।
कार से 160 पाव शराब बरामद, 8.16 लाख का सामान जब्त
कार को रोककर जब उसकी जांच की गई तो उसमें चालक समेत 6 लोग बैठे मिले। गाड़ी की बारीकी से तलाशी लेने पर उसमें से 160 पाव (कुल 28.8 लीटर) देशी मसाला शराब मिली, जिसकी कीमत करीब 16,000 रूपए है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस शराब को अवैध तरीके से बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने मौके से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 8 लाख रूपए की अर्टिगा कार और शराब (कुल मशरूका 8,16,000 रूपए) जब्त कर ली है। सभी 7 आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।गिरफ्तार आरोपियों का ब्योरा
- उबारन दास पुरेना 34 वर्ष): निवासी गुल्लू — (ग्राम गुल्लू शराब दुकान का सुपरवाइजर)
- राजेश काटले (31 वर्ष): निवासी कोडापार, थाना खरोरा — (गुल्लू शराब दुकान का सेल्समैन)
- सुरेश बांधे (36 वर्ष): निवासी परसवानी, थाना खरोरा — (गुल्लू शराब दुकान का मल्टी वर्कर)
- तिरीत राम बांधे (45 वर्ष): निवासी परसवानी — (ग्राम अमोदी में पदस्थ शासकीय शिक्षक)
- भरत रात्रे (38 वर्ष): निवासी परसवानी — (वाहन चालक)
- दिलीप कुमार कुर्रे (50 वर्ष): निवासी अमोदी, थाना खरोरा
- भागवत बारले (38 वर्ष): निवासी अमोदी, थाना खरोरा
शासन को चूना लगा रहे थे कर्मचारी, जांच जारी
आरंग थाना प्रभारी नरेश साहू ने बताया कि जिन कर्मचारियों पर आबकारी व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी थी, वही शासन को चूना लगाकर अवैध तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में सउनि अनिल चंद्रवंशी, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सुरेश बंधन, आरक्षक नियाज खान और सैनिक दुर्गेश चंद्राकर की सराहनीय भूमिका रही।

