Teachers Felicitation: आरंग में 75 शिक्षकों का सम्मान, ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिलाया नशामुक्ति का संकल्प
Teachers Felicitation: आरंग में शिक्षक दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ‘मूल्य आधारित शिक्षा’ विषय पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 75 शिक्षकों को सम्मानित किया गया और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया गया।
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कीर्तिमान न्यूज
13 Sep 2026, 08:38 PM
आरंग
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Teachers Felicitation: राष्ट्र निर्माण और समाज को सही दिशा देने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है। इसी भावना को रेखांकित करते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालयके अमर ज्योति भवन (गुढ़ियारी पारा, आरंग) में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में 'मूल्य आधारित शिक्षा' विषय पर एक भव्य और गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के 75 सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को समाज में उनके निस्वार्थ योगदान के लिए शाल, श्रीफल, कलम, ज्ञान साहित्य और गुलाब का फूल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकारों को भी उनके सराहनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
शिक्षक ही गढ़ते हैं नई पीढ़ी का चरित्र: बीके नमिता बहन
समारोह में हिरमी से पधारीं बीके नमिता बहन ने शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सच्चा शिक्षक सिर्फ किताबों का पाठ पूरा कराने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह आने वाली पीढ़ी के चरित्र और संस्कारों को आकार देने वाला सच्चा शिल्पकार होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों में नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करने के लिए शिक्षकों को स्वयं अपने जीवन में राजयोग, संयम, एकाग्रता और अनुशासन को अपनाना होगा। कार्यक्रम के दौरान केंद्र संचालिका बीके पिंकी बहन ने उपस्थित लोगों को गहन ध्यान और योग का अभ्यास कराया, जिससे सभी ने आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
ध्यान, निरंतर सीखने की ललक और सांस्कृतिक मूल्य हैं जरूरी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Mothers Pride School के संचालक ध्रुव शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के दौर में दृढ़ संकल्प शक्ति और मानसिक स्पष्टता के लिए नियमित ध्यान व योग बेहद जरूरी हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश दीवान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आधुनिक समय में आ रहे बदलावों के साथ शिक्षकों को भी खुद को लगातार अपडेट करते रहना होगा। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही है। इसके अलावा, सहायक शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष धरम दास पाटिल, गांधी स्कूल के प्राचार्य हरेश कुमार दास तथा व्याख्याता मितांजली महंती ने भी शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
काव्य से डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि, लिया नशामुक्ति का संकल्प
समारोह में साहित्यिक और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिले। शिक्षक अरविंद वैष्णव ने अपनी कविता के माध्यम से आत्मिक जागृति का संदेश दिया, जबकि व्याख्याता एवं कवि हरमन बघेल ने अपनी ओजस्वी काव्य रचना प्रस्तुत कर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया। कार्यक्रम की एक और प्रमुख विशेषता यह रही कि इसमें उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया गया, ताकि एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।
ये प्रमुख हस्तियां हुईं सम्मानित
समारोह में सम्मानित होने वाले 75 शिक्षकों में मुख्य रूप से छत्रधर दीवान, उमेंद्र चंद्राकर, होरीलाल पटेल, डोमन डहरिया, युवराम साहू, मनोज शर्मा, युवराज मिश्रा, कमलेश टंडन, अभिषेक तिवारी, गिरिजा शंकर अग्रवाल, रामनारायण कन्नौजे और के.के. साहू शामिल थे। कार्यक्रम के समापन पर बीके लता बहन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में मोहन साहू, गणेश साहू, ईश्वर साहू, जयशंकर यादव, अरविंद वैष्णव सहित संस्थान की माताओं और बहनों का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।