Arang News: अंचल में खराब मौसम और भारी बारिश के बीच जनसेवा की एक मिसाल सामने आई है। ग्राम पंचायत पलौद द्वारा आंधी-तूफान व बारिश के मद्देनजर बेजुबान गौमाता की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसकी इलाके में जमकर सराहना हो रही है। बुधवार से जारी तेज हवा व बारिश की स्थिति को भांपते हुए सरपंच हेमकुमार मारकण्डे ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाई।
पलौद पंचायत की पहल, गौवंश को मिला सुरक्षित आश्रय
पंचायत क्षेत्र के आम तौर पर आवारा घूमने वाले पशुओं को गौठान में रखा जाता है, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए गौवंश को पूरी तरह महफूज रखने के लिए एक अलग खाली भवन में उनके रहने, खाने और पीने के पानी की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। सरपंच एवं सरपंच संघ नया रायपुर के अध्यक्ष हेमकुमार मारकण्डे ने इस संबंध में कहा कि संकट के इस मौसम में बेजुबान गौमाता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पंचायत प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।
जीव सेवा ही सच्चे जनसेवक की पहचान
उन्होंने दो टूक कहा कि जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता ही एक सच्चे जनसेवक की असल पहचान होती है। सरपंच मार्कण्डे ने क्षेत्र के तमाम नागरिकों से भी यह अपील की गई है कि वे इस आपदा भरे मौसम में बेजुबान पशुओं के प्रति संवेदनशील रहें और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद के लिए आगे आएं। "जनहित सर्वोपरि और जीव सेवा हमारा कर्तव्य" के नारे को चरितार्थ करती इस पहल की चारों तरफ चर्चा है।







