Arang News: आरंग क्षेत्र के ग्राम खुटेरी में 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से एक युवक की जान चली गई। हादसे के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और मायरा रिसोर्ट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को युवक का शव रिसोर्ट के मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतक की पहचान राजूलाल यादव (पिता बिजल यादव) के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब 5 बजे युवक भैंस चराने गया था। इसी दौरान प्लॉट से गुजरते समय उसके हाथ में मौजूद छाता ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बिजली का खंभा धंसने से तार नीचे आने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मायरा रिसोर्ट से निकलने वाले गंदे पानी के कारण आसपास की जमीन दलदली हो गई है। इससे बिजली का खंभा जमीन में धंस गया और 11 केवी तार की ऊंचाई घटकर महज 5 से 6 फीट रह गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम ऊंचाई पर बिजली का तार होना गंभीर खतरे की वजह बना। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रिसोर्ट परिसर से गुजरने वाली बिजली लाइन के खंभों को खेतों में दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने के बाद कई खंभे एक तरफ झुक गए हैं। इस समस्या को लेकर पहले भी विद्युत विभाग को शिकायत दी गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं किया गया।
विद्युत परिचालक निलंबित, रिसोर्ट प्रबंधन को अल्टीमेटम
शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के सामने प्रमुख मांगें रखीं। ग्रामीणों के दबाव के बाद विद्युत परिचालक हितेश्वर प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही बिजली लाइन से जुड़ी खामियों को जल्द ठीक करने की बात कही गई। ग्रामीणों ने रिसोर्ट प्रबंधन को भी 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। प्रदर्शन में सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश, संतोष यादव, विजय वर्मा, शान्तु यादव, ललित यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। उनका कहना है कि बिजली लाइन की सुरक्षा को लेकर पहले ही शिकायत की गई थी। यदि समय रहते आवश्यक सुधार किए जाते तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।











