Asian Games: फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया। मैच के आखिरी ओवर में ऋचा ने जिस अंदाज में रन बटोरे, उसने भारतीय पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
ऋचा घोष ने 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन की शानदार पारी खेली। वह भले ही अपने अर्धशतक से एक रन दूर रह गईं, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। उनकी पारी में 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 222 से ज्यादा का रहा।
आखिरी ओवर में ऋचा का धमाका
भारतीय टीम ने 19 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 191 रन बना लिए थे। टीम की नजरें 200 रन के आंकड़े को पार करने पर थीं, लेकिन ऋचा घोष ने आखिरी ओवर में अपनी बल्लेबाजी का अलग ही अंदाज दिखाया। श्रीलंका की गेंदबाजों पर दबाव इतना बढ़ गया कि आखिरी ओवर में कई अतिरिक्त रन भी मिले। ओवर की शुरुआत में ऋचा ने लगातार दो गेंदों पर छक्के जड़ दिए। इसके बाद वाइड और बाई के रनों की मदद से भारत को इस ओवर में कुल 25 रन मिले। आखिरी ओवर में नौ गेंदें फेंकी गईं और ऋचा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से स्कोर को 216 रन तक पहुंचा दिया।
अर्धशतक से सिर्फ एक रन दूर रहीं ऋचा
ऋचा घोष को अपना अर्धशतक पूरा करने के लिए आखिरी गेंद पर छक्के की जरूरत थी, लेकिन वह सिर्फ चौका लगा सकीं। इसके साथ ही उनकी पारी 49 रन पर नाबाद समाप्त हुई। ऋचा ने भारती फुलमाली के साथ मिलकर आखिरी विकेट के लिए 53 रन की नाबाद साझेदारी की। इस साझेदारी में भारती का योगदान 7 रन का रहा, जबकि ऋचा ने ज्यादातर रन तेजी से बनाए।भारत ने 147 रन से दर्ज की बड़ी जीत
फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 147 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।भारतीय पारी में स्मृति मंधाना ने 79 रन और शेफाली वर्मा ने 48 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 69 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि शेफाली वर्मा, श्रेयांका पाटिल और श्री चरणी ने 2-2 विकेट लेकर टीम की जीत पक्की कर दी। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

