कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार तेज बारिश ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें खराब हो गई हैं और आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो गया है। कोतुलबेड़ा और कसादण्ड को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़क भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है।
कोतुलबेड़ा और कसादण्ड के बीच बनी पाइप पुलिया बारिश के तेज बहाव को नहीं झेल पाई और बह गई। इसके कारण कोतुलबेड़ा, कसादण्ड और पुसावादी गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए बाहर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क पर बने गहरे गड्ढे, खतरे में सफर
लगातार बारिश के चलते सड़क पर तीन से चार फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई जगहों पर मिट्टी धंसने से सड़क कमजोर हो गई है, और करीब 15 मीटर तक सड़क का हिस्सा पूरी तरह खराब हो चुका है। पुलिया बहने के कारण मार्ग का बड़ा हिस्सा टूट गया है, जिससे लोगों के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आवागमन जारी रखने के लिए वे खुद लकड़ियों की मदद से अस्थायी रास्ता बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि यह रास्ता सुरक्षित नहीं है और बारिश के बीच यहां से गुजरना काफी मुश्किल बना हुआ है।
अस्पताल और स्कूल पहुंचने में बढ़ी परेशानी
ग्रामीण जागेश्वर मण्डावी, मानक, राजेन्द्र आचला, सुन्दर दर्रो और रमेश आयला ने बताया कि यह सड़क उनके लिए कोयलीबेड़ा बाजार, स्कूल और अस्पताल पहुंचने का एकमात्र माध्यम है। सड़क टूटने से गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में परेशानी हो रही है। वहीं खेतों में तैयार धान की फसल को भी घर तक लाना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के पूर्व सरपंच अनिल दर्रो ने आरोप लगाया कि पिछले साल भी इसी जगह की पुलिया बारिश में बह गई थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने स्थायी समाधान की जगह केवल औपचारिक कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि समय रहते मजबूत निर्माण किया जाता तो ग्रामीणों को हर साल इस परेशानी से नहीं गुजरना पड़ता।ग्रामीणों ने प्रशासन से की जल्द मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश रुकते ही सड़क और पुलिया की मरम्मत का काम तेजी से शुरू कराया जाए। उन्होंने पहले अस्थायी मार्ग बनाने और बाद में स्थायी पुलिया निर्माण की मांग रखी है। फिलहाल कोतुलबेड़ा क्षेत्र के ग्रामीण सड़क संपर्क टूटने से परेशान हैं।