Bastar floods: बाढ़ से धान की फसल तबाह, किसानों ने मांगा 65 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा
Bastar floods: बस्तर में बाढ़ से धान की फसल बर्बाद होने के बाद किसान मुआवजे और कृषि ऋण माफी की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने प्रति एकड़ 65,100 रुपए मुआवजा, फसल बीमा की राशि सात दिनों में देने और क्षतिग्रस्त मकानों व कृषि उपकरणों के नुकसान की भरपाई की मांग उठाई है।
प्रकाशित: 10 Oct 2026, 06:54 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
जगदलपुर
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Bastar floods: बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इंद्रावती नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में फसल बह गई, तो कुछ जगहों पर रेत जमा होने से खेती करना मुश्किल हो गया है। नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर किसान लगातार जगदलपुर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने बाढ़ प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के साथ कृषि ऋण माफ करने, क्षतिग्रस्त मकानों की भरपाई और कृषि उपकरणों के नुकसान का भुगतान करने की मांग की है। किसान संघ का कहना है कि मौजूदा राहत से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करना मुश्किल है।
प्रति एकड़ 65,100 रुपए मुआवजे की मांग
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष नील कुमार बघेल के मुताबिक, डोंगाघाट, छेपड़ागुड़ा, मकावांड, गुड़ापुड़ा, तारापुर और बजावांड समेत इंद्रावती नदी के किनारे बसे इलाकों में किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कई किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई है, जबकि खेतों में रेत भरने से अगली फसल की तैयारी भी चुनौती बन गई है। किसान संघ ने मांग की है कि फसल नुकसान के बदले प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान के समर्थन मूल्य के आधार पर 65 हजार 100 रुपए का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य कृषि ऋण माफ करने, मकान क्षति के लिए पर्याप्त सहायता देने और बाढ़ में खराब हुए कृषि उपकरणों की भरपाई करने की मांग भी उठाई गई है। संघ ने फसल बीमा की राशि सात दिनों के भीतर किसानों के खातों में पहुंचाने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसान अगली खेती की तैयारी कर सकें।
प्रशासन का दावा, एक से दो सप्ताह में मिल सकती है राहत
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे के लिए 25 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। फसल नुकसान का सर्वे अभी जारी है और कुछ तहसीलों से संबंधित प्रकरण ट्रेजरी में भेजे जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, अगले एक से दो सप्ताह के भीतर किसानों को फसल क्षति का मुआवजा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को वास्तविक राहत कब तक मिलती है, यह सर्वे और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा। बाढ़ के बाद खेतों में हुए नुकसान ने किसानों की अगली फसल की चिंता बढ़ा दी है। अब उनकी नजर प्रशासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर है, ताकि बर्बाद हुई फसल के नुकसान से उबरकर खेती का काम फिर शुरू किया जा सके।