कांकेर में भालू का आतंक: हमले में भाई-बहन की मौत, 3 ग्रामीण घायल
कांकेर जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला गांव में भालू के हमले से भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद भालू गांव के आसपास ही मौजूद है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की टीम भालू की निगरानी कर रही है और उसे सुरक्षित जंगल की ओर भेजने का प्रयास जारी है।
कीर्तिमान डेस्क
05 Aug 2026, 05:07 PM
कांकेर
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भालू के हमले से दहशत फैल गई है। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला गांव में बुधवार दोपहर एक भालू ने हमला कर भाई-बहन की जान ले ली और हम बता दे कि हमले के बाद भालू काफी देर तक शवों को नोचता रहा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
मृतकों की पहचान हलाल जुर्री (45) और खोरीन बाई (40) के रूप में हुई है। वहीं, भालू के हमले में तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद भी भालू गांव के आसपास ही मौजूद बताया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू की गतिविधियों पर नजर रख रही है। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की है।
ग्रामीणों पर भालू हमलामानसिक रूप से असामान्य व्यवहार कर रहा भालू
मीणों और वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह भालू मानसिक रूप से असामान्य व्यवहार कर रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले इसी मादा भालू ने अपने ही बच्चे को नोचकर मार दिया था। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को दी थी। इसके बाद गांव में लोगों को सतर्क करने के लिए मुनादी कराई गई थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि छोटेपारा इलाके में मुनादी नहीं हो पाई। इसी वजह से कुछ लोग खतरे से अनजान रहे और भालू के हमले का शिकार हो गए।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने समय रहते वन विभाग को भालू की मौजूदगी की सूचना दे दी थी, लेकिन समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भालू ने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम की गाड़ी पर भी हमला करने की कोशिश की। इसके बाद टीम के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी सावधानी के साथ भालू की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल वन विभाग की टीम भालू को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने के प्रयास में जुटी हुई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल क्षेत्र में न जाएं और किसी भी तरह की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।