Bihaan Yojana: बागबाहरा जनपद पंचायत परिसर में एसएचजी समूहों, कैडर एवं पदाधिकारियों का विकासखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिला समूहों को बैंक लिंकेज, वित्तीय साक्षरता और विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण की जानकारी दी गई। कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, व्यापार एवं उद्योग विभाग तथा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने महिलाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय विस्तार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
280 से ज्यादा गतिविधियों में महिलाएं सक्रिय
बागबाहरा क्षेत्र में बिहान से जुड़ी महिला समितियों द्वारा अलग-अलग व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 139 किराना स्टोर, 35 फैंसी स्टोर, 44 बकरी पालन इकाइयां, 8 गाय पालन इकाइयां, 35 सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय और 19 टेंट हाउस शामिल हैं। इन गतिविधियों के जरिए महिलाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ अपनी आमदनी का जरिया तैयार कर रही हैं।
53 समूहों को 2.35 करोड़ की सहायता
कार्यक्रम के दौरान 53 महिला समूहों को 2 करोड़ 35 लाख 20 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही 22 उद्यमी दीदियों को व्यक्तिगत उद्यम ऋण के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। आर्थिक सहायता मिलने से समूहों को अपने मौजूदा व्यवसायों को बढ़ाने और नई गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिलेगा।
क्लस्टर बना समूहों का ‘मिनी बैंक’
बिहान के तहत महिला समूहों को अब तक रिवॉल्विंग फंड से 348.6 लाख रुपए, सामुदायिक निवेश कोष से 1208.4 लाख रुपए और ग्राम संगठन स्टार्टअप फंड से 24.85 लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं। इन निधियों का संचालन क्लस्टर के माध्यम से किया जाता है। समूहों को जरूरत के अनुसार कम ब्याज दर पर आसान किस्तों में राशि उपलब्ध कराई जाती है और राशि की रोटेशन प्रक्रिया चलती रहती है। इस तरह क्लस्टर महिला समूहों के लिए एक तरह के ‘मिनी बैंक’ की भूमिका निभा रहे हैं।
अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य: केशव
जनपद अध्यक्ष केशव नायकराम चंद्राकर ने कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव का मजबूत माध्यम बन रही है। महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि बागबाहरा क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।
जनपद उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार ने कहा कि महिला समूहों को केवल ऋण उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सही व्यवसाय का चयन, वित्तीय प्रबंधन और विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाकर स्थायी आजीविका से जोड़ना जरूरी है। बिहान से जुड़ी महिलाओं की सफलता बताती है कि अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं बड़े स्तर पर कारोबार खड़ा कर सकती हैं।
जनपद सीईओ एम.एल. मंडावी ने कहा कि प्रशिक्षण के जरिए महिला समूहों को बैंक लिंकेज, वित्तीय साक्षरता और विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई है। वित्तीय सहायता का उद्देश्य समूहों की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। जनपद पंचायत द्वारा बिहान समूहों को हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
कार्यक्रम में, सभापति लता पांडे, सभापति मधुलिका गणेश चंद्राकर, जनपद सदस्य चंद्रकला साहू, सरपंच संघ अध्यक्ष एडिसन ठाकुर, सरपंच तमोरा सेवाराम साहू, सीईओ जी.आर. बरिहा सहित अधिकारी-कर्मचारी और चारों क्लस्टर की महिला समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।

