CG Weather News: उफान पर नदियां, 300 से ज्यादा गांव बने टापू, बस्तर से रायपुर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त
CG Weather News: छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से बस्तर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इंद्रावती नदी उफान पर है, 300 गांव प्रभावित हैं और यातायात सेवाएं बाधित हुई हैं।
प्रकाशित: 26 Sep 2026, 08:48 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CG Weather News: छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। रायपुर, दुर्ग और खासकर बस्तर संभाग में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। बस्तर क्षेत्र में नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों और ग्रामीण अंचलों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ओडिशा से छोड़े गए पानी ने बढ़ाई आफत
बस्तर संभाग की प्रमुख नदियां इंद्रावती और सबरी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। संकट उस वक्त और गहरा गया जब पड़ोसी राज्य ओडिशा ने इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध और उसकी सहायक मुरान नदी के डैम के गेट खोल दिए। इस भारी पानी के बहाव से करीब 300 से अधिक गांव चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं। इधर धमतरी स्थित गंगरेल बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद इतिहास दोहराया गया है। लगभग 28 साल बाद बांध के सभी 14 गेट खोलकर ढाई लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर कई जिलों के प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
SDRF की टीमें मुस्तैद, 100 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त
बस्तर जिले में करीब 250 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है। नगरनार के भेजापदर और तोकापाल के घाट धनोरा समेत दर्जनभर से अधिक गांवों में पानी भर गया था, जहां से SDRF की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश और नमी के कारण 100 से अधिक कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बारिश से सड़क और गलियां पानी से लबालबथम गए गाड़ियों के पहिए, ट्रेन और फ्लाइट्स भी रद्द
बारिश का सीधा असर प्रदेश के यातायात तंत्र पर पड़ा है:
सड़क मार्ग: राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (रायपुर-कोंटा) और राष्ट्रीय राजमार्ग-63 (जगदलपुर-भोपालपत्तनम) कई जगहों पर सड़क पर पानी आ जाने से बंद हो गए हैं।
रेल मार्ग: किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन के कोरापुट रेलखंड में चार अलग-अलग जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है। पटरियों को दुरुस्त करने में 3 से 4 दिन का समय लग सकता है, फिलहाल इस रूट की सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
हवाई सेवा: खराब मौसम और दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम होने के कारण हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट पिछले दो दिनों से बंद है।
सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले के निचले इलाकों में दर्जनों मकान पानी में डूब चुके हैं।
रायपुर में 110 मिमी पानी गिरा, राजनांदगांव की झांकी स्थगित
राजधानी रायपुर भी बारिश से अछूती नहीं रही, यहाँ अब तक 110 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, राजनांदगांव में रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से 25 सितंबर को निकलने वाली प्रसिद्ध झांकी के आयोजन को स्थगित करना पड़ा, जिसे अब अगले दिन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी: आज भी अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्ज की बारिश जारी रहेगी। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि रविवार से बारिश की रफ्तार और इसके प्रभाव में कमी आने की उम्मीद जताई गई है।