🔴 BREAKING
शिक्षा
Featured
Chhattisgarh Education News: छात्राओं से जांचवाई जा रहीं बोर्ड परीक्षा की कापियां, सैनिटरी पैड बेचने और प्रताड़ना के आरोपों के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र
Chhattisgarh Education News: बिलासपुर के मल्हार सरकारी स्कूल में 10वीं की छात्राओं से उत्तर पुस्तिकाएं जंचवाने का आरोप सामने आया है। वायरल ऑडियो के बाद 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों और प्राचार्य के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराईं। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है।
Chhattisgarh Education News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मल्हार से शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है।
स्कूल के शिक्षक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए 10वीं की छात्राओं से उत्तर पुस्तिकाएं जंचवा रहे हैं। इस पूरी घटना से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल ऑडियो में शिक्षक छात्राओं पर दूसरी कापियां जांचने का साफ दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं।
जब छात्राओं ने डर जताते हुए कहा कि भेद खुलने पर वे फंस सकती हैं, तो शिक्षक ने बेपरवाह लहजे में कहा, "तुम लोग 10वीं में हो, किसी को बताना मत और छुट्टी से पहले चुपचाप निकल जाना।" बात यहीं खत्म नहीं हुई, मॉडल आंसर की (मॉडल उत्तर) मौजूद न होने पर छात्राओं को सीधे अंदाजे से नंबर देने के निर्देश दिए गए।
शिक्षकों के रवैये से तंग आकर कलेक्ट्रेट पहुंचे स्कूली बच्चे
स्कूल के इस माहौल से परेशान होकर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के
छात्र-छात्राएं सीधे बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में विद्यार्थियों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को एक-एक कर कुल 12 शिकायती पत्र सौंपे और न्याय की गुहार लगाई। छात्रों ने प्राचार्य वेदप्रकाश शुक्ला पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, शिकायती पत्र में अन्य शिक्षकों पर भी संगीन आरोप दर्ज हैं।
- रश्मी गुप्ता (शिक्षिका): शासन की ओर से छात्राओं को मिलने वाले मुफ्त सैनिटरी पैड को स्कूल के प्यून कमलेश टांडे के जरिए बाहर दुकानों में बिकवाने और विरोध करने पर बच्चों को प्रताड़ित करने का आरोप।
स्मृति वर्मा: क्लास के दौरान लगातार मोबाइल चलाने और छात्र-छात्राओं के साथ छुआछूत का भेदभाव करने का आरोप।
संगीता यादव: शिकायत करने पर प्रोजेक्ट के अंक काटने की धमकी देने का आरोप।
आर नेताम (क्रीड़ा प्रभारी): खेल सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप।
इसके अलावा, काजल सोन, संध्या देवांगन और संजय दुबे जैसे अन्य स्टाफ की कार्यप्रणाली को लेकर भी विद्यार्थियों ने भारी नाराजगी जताई।
सवालों से घिरे जिला शिक्षा अधिकारी
छात्रों के अचानक कलेक्ट्रेट पहुंचने और गंभीर आरोपों की सूचना मिलते ही प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी Sandeep Kumar Pandey मौके पर पहुंचे। जब छात्राओं ने उन्हें घेरकर तुरंत कार्रवाई की मांग की, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में असहज दिखाई दिए और सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। मामले पर अपना पक्ष रखते हुए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार पांडेय ने कहा, "शिकायत की प्रति मिल गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन प्राचार्यों की एक सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है।
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इस बात की भी जांच होगी कि बच्चे इतनी दूर कलेक्ट्रेट कैसे पहुंचे और क्या इसके पीछे किसी अन्य शिक्षक की भूमिका है।" फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में सरकारी स्कूलों की सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखना होगा कि जांच टीम की रिपोर्ट के बाद प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है।