Child Rights Commission: छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 28 अक्टूबर को बागबाहरा प्रवास के दौरान प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, बागबाहरा और बिहाझर स्थित बालक गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
कौशल और व्यक्तित्व विकास पर जोर
कन्या छात्रावास में डॉ. शर्मा ने बच्चियों के कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित करने, पुस्तकालय और वाचन कक्ष को सुव्यवस्थित रखने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बालक गृह में खेल और पढ़ाई की सुविधाएं सुधारने के निर्देश
बिहाझर स्थित बालक गृह में उन्होंने बड़े बच्चों की तीरंदाजी के प्रति रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण की सराहना की। साथ ही छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए खेल सामग्री उपलब्ध कराने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने, व्यवस्थित अध्ययन कक्ष तैयार करने और भंडार गृह की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
सुरक्षा के साथ सर्वांगीण विकास जरूरी
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल संरक्षण का उद्देश्य केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उनकी रुचि, प्रतिभा और कौशल को विकसित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना भी है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।






