China Naval Shipbuilding: वैश्विक समुद्री सीमा पर अपना दबदबा बढ़ाने की होड़ में चीन ने अमेरिका को काफी पीछे छोड़ दिया है। बीते दो सालों (2024-25) के दौरान चीन ने अमेरिकी नौसेना की तुलना में दोगुने से भी अधिक वजन के लड़ाकू जहाजों का निर्माण किया है। इस तेज़ी से दोनों महाशक्तियों की नौसैनिक क्षमताओं के बीच का अंतर तेज़ी से घट रहा है। यह खुलासा नौसेना रक्षा प्रदर्शनी से पहले जारी की गई 'वर्ल्ड डिफेंस शिपबिल्डिंग रिपोर्ट' में हुआ है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
'फ्लोट्स डी कॉम्बैट' और फ्रेंच मैरीटाइम इंडस्ट्री एसोसिएशन (GICAN) द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक के दो वर्षों में: चीन ने कुल 6,36,208 टन क्षमता वाले लड़ाकू जहाजों का निर्माण किया। वहीं, इसी अवधि में अमेरिका केवल 2,70,509 टन के जहाजों का ही निर्माण कर सका। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में दुनिया भर में बने कुल नौसैनिक जहाजों के वजन (टनेज) में अकेले चीन की हिस्सेदारी एक-तिहाई से अधिक रही। चीन ने जहां इन लड़ाकू जहाजों के निर्माण पर करीब $43.5 अरब खर्च किए, वहीं अमेरिका का खर्च $26.8 अरब रहा।
अमेरिका के लिए बढ़ती चिंता
चीन के यार्डों की विशाल उत्पादन क्षमता और अमेरिकी नौसेना निर्माण में आ रही लगातार देरी ने वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं और सांसदों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो अमेरिकी नौसेना के लिए बीजिंग की बढ़ती नौसैनिक ताकत का मुकाबला करना मुश्किल हो जाएगा। पेरिस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में GICAN के महानिदेशक फिलिप मिसोफे ने बताया, "हम नौसैनिक बलों और उनके निर्माण में जबरदस्त उछाल देख रहे हैं। विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बियों (Nuclear के निर्माण में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।दो सालों में बदला पूरा समीकरण
अगर पिछले आंकड़ों से तुलना करें, तो चीन ने अपनी रणनीति में नाटकीय बदलाव किया है।
- 2022-23 में: अमेरिका नौसेना निर्माण में आगे था। तब अमेरिका ने 2,45,703 टन और चीन ने 2,02,520 टन जहाजों का निर्माण किया था।
- कुल बेड़े की स्थिति (1 जनवरी 2026 तक): हालांकि कुल जहाजों के वजन के मामले में अमेरिका अभी भी आगे है। 200 टन से अधिक वजन वाले जहाजों के कुल बेड़े में अमेरिका की क्षमता 3.11 मिलियन टन है, जबकि चीन की क्षमता 1.44 मिलियन टन है। लेकिन दो साल पहले के मुकाबले जहां अमेरिकी बेड़े का कुल वजन घटा है, वहीं चीन का बेड़ा लगातार बड़ा हुआ है।
भारत टॉप 5 में शामिल, वैश्विक निर्माण में उछाल
2024-25 के दौरान दुनिया भर में नौसैनिक जहाजों के निर्माण में अभूतपूर्व तेज़ी देखी गई। इस अवधि में कुल $123.9 अरब की लागत से 1.47 मिलियन टन क्षमता के लड़ाकू जहाज़ बने। वैश्विक स्तर पर जहाजों के निर्माण में प्रमुख देश:
- चीन: 6,36,208 टन
- अमेरिका: 2,70,509 टन
- रूस: 1,49,056 टन
- भारत: 76,430 टन
- इटली: 53,700 टन







