Submarine Missile Test: फ्रांस ने अपने परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण अभियान के तहत एक अहम कामयाबी हासिल की है। फ्रांसीसी नौसेना की परमाणु संचालित पनडुब्बी 'ले विजिलेंट' ने पहली बार समुद्र के भीतर से उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल M51.3 का सफ़ल परीक्षण किया। पश्चिमी फ्रांस के फिनिस्टेयर तट से दागी गई यह मिसाइल उत्तरी अटलांटिक महासागर में बिना किसी परमाणु वारहेड के तय दूरी पर जाकर गिरी। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने फ्रांसीसी नौसेना के पोत से खुद इस परीक्षण को देखा और इसे देश की सैन्य क्षमता व वैश्विक साख के लिए बड़ा कदम बताया।
यूरोप की सुरक्षा और मैक्रोन का संदेश
परीक्षण के तुरंत बाद नौसैनिकों को संबोधित करते हुए मैक्रोन ने कहा, वैश्विक हालातों को देखते हुए हमारे सहयोगी और विरोधी दोनों इस कदम पर नजर रख रहे हैं। यह परीक्षण दिखाता है कि फ्रांस अपनी रणनीतिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह परीक्षण ऐसे वक्त में सामने आया है जब फ्रांस अपने 'फॉरवर्ड डेटरेंस' प्लान के तहत यूरोपीय सहयोगियों को भी अपने परमाणु सुरक्षा चक्र में शामिल करने पर विचार कर रहा है।
M51.3 मिसाइल की खासियतें
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नई मिसाइल में कई उन्नत बदलाव किए गए हैं जो इसे पहले से कहीं अधिक घातक बनाते हैं:
- रेंज और स्पीड: यह मिसाइल मैक 20 (ध्वनि से 20 गुना तेज) की रफ्तार से चलती है और 2,000 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई तक जाने के बाद वायुमंडल में लौटती है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता 9,500 किलोमीटर से ज्यादा है।
- सटीकता और वारहेड: नया M51.3 मॉडल उन्नत TNO-2 परमाणु वारहेड से लैस होने में सक्षम है। यह एक साथ 4 से 6 अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला (MIRV क्षमता) कर सकता है।
- दुश्मन के राडार को मात: 50 मीट्रिक टन वजनी, तीन चरणों वाली यह मिसाइल दुश्मन के आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है।

