इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने तीन दिनों के भीतर स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल पर भेजने का आग्रह किया है।
कार्यमुक्त कर्मचारियों पर सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कई अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही उनके मूल विद्यालयों एवं संस्थानों में पदस्थ कर दिया गया है। इसके बावजूद आरोप है कि भरत लाल अग्रवाल (प्राचार्य), संतोष साहू (व्याख्याता) समेत कुछ अन्य संलग्न शिक्षक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अभी भी अंबिकापुर स्थित DEO कार्यालय में नियमित रूप से सरकारी कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, साक्षर भारत परियोजना और हॉस्टल अधीक्षक के रूप में संलग्न कुछ कर्मचारियों को भी आदेश जारी होने के बाद अब तक कार्यमुक्त नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।शासन के आदेशों की अनदेखी का आरोप
परवेज आलम गांधी ने इस पूरे मामले को शासन के निर्देशों की अवहेलना और प्रशासनिक अनियमितता करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया जा चुका है, उन्हें तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से हटाकर उनके मूल पदस्थापना संस्थानों में कार्यभार ग्रहण कराया जाए। साथ ही, की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से जारी करने की भी मांग की गई है।