Elephant Movement:छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र में 62 हाथियों के विशाल दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथियों के लगातार विचरण और आक्रामक व्यवहार को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाया है। नाका संकुल के अंतर्गत आने वाले 9 स्कूलों में दो दिनों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। 4 नवंबर के बाद 5 नवंबर को भी इन स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी।
हाथियों की आवाजाही से बढ़ा खतरा
जानकारी के मुताबिक, हाथियों का दल इन दिनों नाका और मटियाडांड बीट के जंगलों में लगातार विचरण कर रहा है। कई बार हाथियों का झुंड गांवों के करीब पहुंच जाता है, तो कभी स्कूल जाने वाले रास्तों पर दिखाई देता है। सुबह और शाम के समय हाथियों की सक्रियता अधिक रहने से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) संजय वर्मा ने स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया है।
कई दिनों से इलाके में मौजूद है हाथियों का दल
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह दल पिछले कई दिनों से क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है। हाथियों की गतिविधियों के कारण लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए भी घर से निकलते समय सावधानी बरतनी पड़ रही है। वहीं, खेतों में काम करने वाले किसान भी हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए समय से पहले घर लौट रहे हैं। हाथियों की आवाजाही से शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्कूल आने-जाने के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका के चलते विभाग ने छुट्टी का फैसला लिया है।वन विभाग और हाथी मित्र दल अलर्ट
दूसरी ओर, वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाथी मित्र दल गांवों में पहुंचकर लोगों को सतर्क कर रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने, उन्हें परेशान नहीं करने, शोर नहीं मचाने और रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हाथियों का दल भोजन और पानी की तलाश में इस क्षेत्र में पहुंचा है। फिलहाल उनकी मूवमेंट पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि ग्रामीणों और हाथियों के बीच किसी तरह का टकराव न हो।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसला
62 हाथियों के एक साथ क्षेत्र में विचरण करने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने एहतियात के तौर पर 9 स्कूलों को दो दिनों तक बंद रखने का निर्णय लिया है। अब सभी की नजर वन विभाग की निगरानी और हाथियों के अगले मूवमेंट पर बनी हुई है।







