Food Security: छत्तीसगढ़ में जीवित महिला को सरकारी रिकार्ड में मृत बताकर उसका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त करने का मामला सामने आया है। रायपुर के सुभाष नगर निवासी साकरा बानो से जुड़े इस मामले को लेकर पूर्व खाद्य मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर महिला का राशन कार्ड बहाल करने के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मोहम्मद अकबर ने कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर राशन से वंचित करना खाद्य सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला है।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि राशन कार्ड निरस्त करने से पहले संबंधित अधिकारियों ने जरूरी सत्यापन किया था या नहीं। साथ ही, प्रभावित परिवार को अपनी बात रखने का अवसर मिला या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
दो वर्षों में 1.17 लाख से अधिक राशन कार्ड रद
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन कार्ड निरस्तीकरण के आंकड़ों को लेकर भी मोहम्मद अकबर ने चिंता जताई। उन्होंने वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में पीडीएस का कवरेज करीब 89 प्रतिशत बताया गया है। इसका अर्थ है कि खाद्य सुरक्षा के दायरे को शत-प्रतिशत तक पहुंचाने की दिशा में अभी भी प्रयास की आवश्यकता है।उन्होंने लोकसभा में 22 जुलाई 2026 को दिए गए जवाब का हवाला देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 के दौरान 57,371 और 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। इस तरह दो वर्षों में कुल 1,17,867 राशन कार्ड रद्द किए गए।राशन कार्डों की समीक्षा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
मोहम्मद अकबर ने सभी निरस्त कार्डों की समीक्षा कर पात्र परिवारों को दोबारा राशन का लाभ देने की मांग की है। उन्होंने खाद्य मंत्री से साकरा बानो के मामले में उचित कार्रवाई करने और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड से जुड़ी रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियों का खामियाजा जरूरतमंद परिवारों को नहीं भुगतना चाहिए। खाद्य सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य पात्र लोगों तक अनाज पहुंचाना है। इसलिए कार्ड निरस्त करने जैसी कार्रवाई में सही जानकारी, पारदर्शिता और निष्पक्ष सत्यापन सुनिश्चित करना जरूरी है।






