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Ration card and government food supply update (Image Source: AI Photo)
Ration card and government food supply update (Image Source: AI Photo)
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Ration Card Update: लगातार 6 महीने से नहीं लिया राशन? अक्टूबर से बंद हो सकता है कार्ड, जानिए कार्ड दोबारा शुरू कराने का तरीका

Ration Card Update: छह महीने से सरकारी राशन दुकान से अनाज नहीं लेने वाले करीब 1.58 करोड़ निष्क्रिय राशन कार्डों पर अक्टूबर से राशन आपूर्ति रोकी जा सकती है। हालांकि, सरकार कार्ड तुरंत रद्द नहीं करेगी, बल्कि लाभार्थियों को e-KYC और पात्रता साबित करने के लिए 3 महीने का समय दिया जाएगा। सत्यापन पूरा होने पर राशन सुविधा दोबारा शुरू की जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र कार्डों को हटाकर PDS सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना है।

कीर्तिमान न्यूज | अप्पू धीवर
प्रकाशित: 30 Sep 2026, 12:31 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Ration Card Update: अगर आपके पास राशन कार्ड है और आपने पिछले छह महीनों से सरकारी राशन दुकान से अनाज नहीं उठाया है, तो सावधान हो जाएं। केंद्र सरकार ऐसे कार्डधारकों पर सख्त कदम उठाने जा रही है। पिछले छह महीने से निष्क्रिय (इनएक्टिव) पड़े लगभग 1.58 करोड़ राशन कार्डों पर इस अक्टूबर से राशन की आपूर्ति रोकी जा सकती है। सरकार का यह फैसला पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के डेटाबेस को साफ-सुथरा बनाने की मुहिम का हिस्सा है। इसका मकसद फर्जी, डुप्लिकेट या अयोग्य लाभार्थियों को हटाकर प्रणाली में पारदर्शिता लाना है। 

नाम तुरंत रद्द नहीं होंगे, मिलेगा 3 महीने का मौका 

राशन कार्ड धारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। एचटी (HT) की एक रिपोर्ट में खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने लंबे समय से राशन नहीं लिया है, उनके नाम सीधे सूची से नहीं हटाए जाएंगे। सरकार इन कार्डों को अस्थायी रूप से निलंबित (निष्क्रिय) करेगी और लाभार्थियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए 3 महीने का समय देगी। अगर लाभार्थी इस समय सीमा के भीतर अपनी e-KYC (ई-केवाईसी) प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं, तो उनका राशन कार्ड फिर से चालू कर दिया जाएगा।

'साइलेंट राशन कार्ड' के लिए नई व्यवस्था

संशोधित 'टारगेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (कंट्रोल) ऑर्डर' के तहत सरकार ने ऐसे कार्डों को 'साइलेंट राशन कार्ड' का नाम दिया है, जिनसे बीते आधा साल से अनाज नहीं लिया गया।

इस व्यवस्था के तहत:

  • पहला चरण: कार्ड को कुछ समय के लिए होल्ड/निष्क्रिय किया जाएगा।

  • दूसरा चरण: अगले 3 महीनों में फील्ड वेरिफिकेशन (जमीनी जांच) और ई-केवाईसी पूरी की जाएगी।

  • तीसरा चरण: यदि सत्यापन सही पाया जाता है तो राशन चालू रहेगा, वरना नाम हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा।

सरकार का कहना है कि फर्जी कार्ड, प्रवासी मजदूरों के दूसरी जगह बस जाने या कार्डधारक की मृत्यु हो जाने के बाद भी राशन उठने जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।

विशेषज्ञ ने उठाए सवाल: "जनता पर डाला जा रहा प्रशासनिक बोझ"

हालांकि, सरकार के इस रुख की आलोचना भी शुरू हो गई है। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर राजेंद्रन नारायणन ने इस प्रक्रिया की नीतिगत खामियों की ओर इशारा किया है।

"बिना किसी पूर्व सूचना के पहले नाम हटा देना और फिर नागरिकों से यह कहना कि वे लाइन में लगकर अपनी पात्रता साबित करें—यह सरकार द्वारा अपनी जवाबदेही का बोझ जनता के कंधों पर डालने जैसा है। कल्याणकारी योजनाओं का पहला नियम लोगों को शामिल करना होना चाहिए, न कि उन्हें तकनीकी आधार पर बाहर का रास्ता दिखाना।"

— प्रो. राजेंद्रन नारायणन, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी

पहले भी हटाए जा चुके हैं 5.8 करोड़ राशन कार्ड

यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने राशन डेटाबेस की सफाई की हो। इससे पहले डिजिटाइजेशन, आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की मदद से बड़े पैमाने पर फर्जी कार्ड रद्द किए गए थे।

खाद्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2024 तक 'डी-डुप्लीकेशन' (डुप्लीकेट कार्ड हटाने) की प्रक्रिया के जरिए देशभर में करीब 5.8 करोड़ अयोग्य या फर्जी राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। सरकार का दावा है कि इस सख्ती से बचा हुआ राशन सिर्फ वास्तविक और जरूरतमंद गरीबों तक ही पहुंच पा रहा है।

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