गुरु बालकदास के विचार आज भी प्रेरणास्रोत
उनके विचार आज भी समाज को दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विधायक ने कहा कि गुरु बालकदास जी ने किसानों पर हो रहे अत्याचार और भुखमरी के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को संगठित करने का प्रयास किया। उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और दमनकारी नीतियों का विरोध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके जीवन से समाज को संघर्ष, एकता और आत्मसम्मान की प्रेरणा मिलती है।
शिक्षा और एकता का दिया संदेश
उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारना होना चाहिए। गुरु बालकदास जी के बताए रास्ते पर चलकर सामाजिक एकता और समरसता को आगे बढ़ाया जा सकता है। युवाओं से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान विधायक सिन्हा ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षा की अहम भूमिका है। युवाओं को महापुरुषों के संघर्ष, विचारों और योगदान से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी भेदभाव भुलाकर सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और एकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में ग्राम गुड़ेलाभाठा के अध्यक्ष हीरासिंह कुर्रे, संरक्षक गुरु कुंजन दास मारकंडे, उपाध्यक्ष टीकेश्वर बंजारे, कोषाध्यक्ष बीर सिंग जोगी, सचिव तोमेश कुर्रे, वरिष्ठ भाजपा नेता संदीप घोष, भाजपा ओबीसी मोर्चा जिला महामंत्री निर्भय नायक, कमल कौशिक, दिनेश्वर साहू, मुनगासेर सरपंच रितु निषाद, सोसाइटी अध्यक्ष छबिंद्र पटेल, देवेन्द्र राय, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष ताराचंद पटेल, जिला संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ टीकम पटेल सहित राजा अग्रवाल, वीर सिंग निषाद, गोपाल रौतिया, सतीश मारकंडे, टिकेश्वर बंजारे, बसंत जोगी, संतराम जोगी, पुनीत राम कुर्रे, विद्याचरण, हरिचंद, रमेश मारकंडे, मुकेश बंजारे, हीराधर नवरंगे, राहुल कुर्रे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

