कल से हॉकी के सबसे बड़े वैश्विक टूर्नामेंट का रोमांच शुरू होने जा रहा है। इस बार वर्ल्ड कप कई मायनों में खास होगा। पहली बार पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। भारतीय पुरुष टीम अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ करेगी। मुकाबला दोपहर 4:30 बजे से खेला जाएगा। इससे पहले महिला वर्ग में ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच दोपहर 1:30 बजे टूर्नामेंट का शुरुआती मुकाबला होगा।
टूर्नामेंट 16 दिन तक चलेगा और इस दौरान पुरुष एवं महिला वर्ग को मिलाकर कुल 50 मुकाबले खेले जाएंगे। मैच दो वेन्यू पर आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता में पहले ग्रुप स्टेज और क्रॉसओवर पूल के मुकाबले होंगे। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल खेले जाएंगे। इस बार टूर्नामेंट के फॉर्मेट में क्वार्टर फाइनल नहीं रखा गया है, जिससे क्रॉसओवर राउंड के मुकाबले काफी अहम हो जाएंगे।
पुरुष और महिला वर्ग में 16-16 टीमें
दोनों वर्गों में 16-16 यानी कुल 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं। ग्रुप स्टेज में 16 टीमों को चार ग्रुप- ए, बी, सी और डी में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम अपने ग्रुप में तीन मुकाबले खेलेगी। हर ग्रुप की शीर्ष दो टीमें क्रॉसओवर राउंड में जगह बनाएंगी। इस तरह आठ टीमों को दो नए ग्रुप में बांटा जाएगा। यहां प्रत्येक टीम तीन और मुकाबले खेलेगी। क्रॉसओवर राउंड के बाद दोनों ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। महिला वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला 29 अगस्त को खेला जाएगा। पुरुष वर्ल्ड कप का फाइनल 30 अगस्त को रात 8 बजे से होगा। दोनों वर्गों के फाइनल वाले दिन ही ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले भी खेले जाएंगे। यह आयोजन बेल्जियम के लिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि वह पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। पहली बार पुरुष और महिला वर्ल्ड कप का एक साथ आयोजन भी इस संस्करण को खास बनाता है।
हरमनप्रीत सिंह संभालेंगे पुरुष टीम की कमान
भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी अनुभवी ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह करेंगे। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों को भी जगह मिली है।
गोलकीपर: मोहित एच.एस., सूरज करकेरा।
डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच।
मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लालगे।
फॉरवर्ड: मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा।
सलीमा टेटे के नेतृत्व में उतरेगी महिला टीम
भारतीय महिला टीम की कमान सलीमा टेटे के हाथों में रहेगी। अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया भी टीम का हिस्सा हैं।
गोलकीपर: सविता पूनिया, बिशू देवी खरीबाम।
डिफेंडर: ईशिका चौधरी, सुशीला चानु पुखरंबम, लालथंटलुआंगी, ज्योति और शिल्पी डबास।
मिडफील्डर: सलीमा टेटे (कप्तान), निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा और दीपिका सोरेंग।
फॉरवर्ड: लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, ईशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग।
विजेताओं को ट्रॉफी और मेडल
हॉकी वर्ल्ड कप में विजेता टीमों के लिए अलग से नकद पुरस्कार राशि नहीं रखी जाती। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) के वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में विजेता और पदक हासिल करने वाली टीमों को ट्रॉफी तथा मेडल दिए जाते हैं। पुरुष वर्ग में भारत, नीदरलैंड और स्पेन उन टीमों में शामिल हैं, जिन्होंने हर वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अर्जेंटीना भी 15-15 बार इस वैश्विक प्रतियोगिता में उतर चुके हैं। पाकिस्तान ने 14 और बेल्जियम ने आठ बार टूर्नामेंट खेला है। महिला वर्ग में नीदरलैंड, अर्जेंटीना और जर्मनी ने सभी वर्ल्ड कप में भाग लिया है। ऑस्ट्रेलिया 14 बार, इंग्लैंड और स्पेन 13-13 बार तथा चीन 10 बार टूर्नामेंट खेल चुका है। भारत ने महिला वर्ग में नौ बार हिस्सा लिया है।1975 में भारत ने रचा था इतिहास
भारतीय पुरुष हॉकी टीम 1971 में शुरू हुए पहले वर्ल्ड कप से ही प्रतियोगिता का हिस्सा रही है। भारत के नाम अब तक एक वर्ल्ड कप खिताब है। टीम ने 1975 में कुआलालंपुर में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को हराकर विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया था। इसके बाद भारतीय पुरुष टीम दोबारा वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी है। ऐसे में इस बार हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम से एक बार फिर बड़ी उम्मीदें रहेंगी। भारतीय महिला टीम ने 1974 में पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। हालांकि, महिला टीम अब तक विश्व कप का खिताब नहीं जीत सकी है। इस बार सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय टीम इतिहास बदलने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।