Asian Games Shooting: भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शूटिंग में भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। महिला ट्रैप स्पर्धा में नीरू धांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में नीरू ने 28 अंक हासिल किए और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स में यह भारत का पांचवां गोल्ड मेडल है। खास बात यह है कि शूटिंग के व्यक्तिगत इवेंट में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत ने चार गोल्ड मेडल टीम इवेंट में जीते थे।
नीरू धांडा ने विमेंस ट्रैप के फाइनल में बेहतरीन निशाना लगाते हुए 28 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स के इतिहास में महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गई हैं। इससे पहले महिला ट्रैप टीम इवेंट में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। नीरू धांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की तिकड़ी ने कुल 328 अंक जुटाकर सिल्वर मेडल हासिल किया था।
किसान परिवार से निकलकर बनीं गोल्ड मेडलिस्ट
नीरू धांडा का जन्म 25 मई 2000 को हरियाणा के जींद जिले में एक किसान परिवार में हुआ था। बाद में उनका परिवार मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बस गया। वर्तमान में नीरू भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। नीरू ने निशानेबाजी की शुरुआत अपने परिवार से मिली प्रेरणा के बाद की। उनके ममेरे भाई और एशियन गेम्स पदक विजेता लक्ष्य श्योराण से प्रेरित होकर उन्होंने शूटिंग में कदम रखा। शुरुआती दिनों में उन्होंने घर की डबल बैरल बंदूक से टिन के डिब्बों पर निशाना साधकर अभ्यास किया था।ISSF वर्ल्ड कप में भी जीत चुकी हैं गोल्ड
नीरू धांडा के लिए साल 2026 बेहद खास रहा है। उन्होंने इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में महिला ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। वह इस प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनी थीं। इसके अलावा साल 2025 में नीरू ने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत और टीम दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल हासिल किया था। लगातार शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारतीय शूटिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है।

