IIT Campus Recruitment: प्लेसमेंट सीजन से पहले IIT का बड़ा कदम, मुकरने वाली 22 कंपनियां 2 साल के लिए बाहर
IIT Campus Recruitment: छात्रों को जॉब ऑफर देने के बाद पीछे हटने वाली 22 कंपनियों के खिलाफ ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी ने सख्त कदम उठाया है। इन कंपनियों को अगले दो प्लेसमेंट सीजन तक कैंपस भर्ती प्रक्रिया से दूर रखा जाएगा।
IIT Campus Recruitment: देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में नए प्लेसमेंट सीजन की शुरुआत से ठीक पहले एक बड़ा फैसला लिया गया है। पिछले साल
आईआईटी छात्रों को जॉब ऑफर देने के बाद मुकरने वाली 22 कंपनियों पर संस्थानों ने शिकंजा कस दिया है। इन सभी कंपनियों को अगले दो कैंपस प्लेसमेंट सीजन से दूर रखने का निर्णय लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले शैक्षणिक सत्र (2026 में ग्रेजुएट होने वाले बैच) के दौरान इन कंपनियों ने कैंपस रिक्रूटमेंट में हिस्सा लेकर छात्रों को ऑफर लेटर तो जारी कर दिए, लेकिन बाद में या तो ऑफर वापस ले लिए या फिर उन्हें जॉइन कराने से साफ मना कर दिया। अचानक आए इस फैसले से कई होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था। इसी स्थिति को देखते हुए आईआईटी प्रशासन ने अब ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
'ब्लैकलिस्ट' नहीं, लागू होगा 'नॉन-कोऑपरेशन'
यह महत्वपूर्ण फैसला इस महीने की शुरुआत में IIT गुवाहाटी में हुई ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी (AIPC) की बैठक में लिया गया। AIPC ही देश के सभी IIT संस्थानों में प्लेसमेंट और इंटर्नशिप से जुड़े दिशानिर्देश तय करती है। AIPC के समन्वयक और
IIT गुवाहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर जॉन जोस के अनुसार, सभी 23 आईआईटी संस्थानों को मिलाकर ऐसे 150 से ज्यादा जॉब ऑफर्स प्रभावित हुए थे। कुछ कंपनियां तो ऐसी थीं जिन्होंने एक साथ 10 से 15 ऑफर रद्द कर दिए। हालांकि, कमेटी ने आधिकारिक तौर पर 'ब्लैकलिस्ट' शब्द के इस्तेमाल से परहेज किया है। इसके बजाय इसे 'नॉन-कोऑपरेशन' (असहयोग) का नाम दिया गया है, यानी संस्थान अगले दो साल तक इन कंपनियों के साथ किसी भी तरह के कैंपस रिक्रूटमेंट में सहयोग नहीं करेंगे।
दिग्गज टेक कंपनी और स्टार्टअप्स भी रडार पर
हालांकि AIPC ने आधिकारिक रूप से कंपनियों के नामों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कैंपस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिकी सॉफ्टवेयर दिग्गज ओरेकल (Oracle) भी इन कंपनियों में शामिल है। ओरेकल पर आईआईटी छात्रों को दिए गए लगभग 40 ऑफर्स को पूरा न करने का आरोप है। वैश्विक स्तर पर जारी छंटनी के दौर में कंपनी ने भारत में भी कई पद घटाए हैं। इसके अलावा, कार्रवाई की जद में कई टेक स्टार्टअप्स भी आए हैं।
प्रभावित छात्रों के लिए IIT की मदद
अचानक जॉब ऑफर रद्द होने से प्रभावित हुए छात्रों के लिए आईआईटी का प्लेसमेंट सेल लगातार प्रयास कर रहा है:
सीवी री-सर्कुलेशन: प्रभावित छात्रों के बायोडाटा (CV) को उन कंपनियों के पास दोबारा भेजा जा रहा है जो इस समय भर्ती कर रही हैं।
20 से 30% को राहत: संस्थान के आपसी संपर्कों और प्रयासों से अब तक करीब 20 से 30 फीसदी प्रभावित छात्रों को दूसरी नौकरियां मिल चुकी हैं।
ऑफ-कैंपस प्रयास: कई स्नातकों ने खुद भी अपने व्यक्तिगत नेटवर्क और ऑफ-कैंपस इंटरव्यू के जरिये नई नौकरियां हासिल कर ली हैं, जिसकी पूरी जानकारी अभी संस्थानों के पास दर्ज हो रही है।
आईआईटी के इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली कंपनियों को अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।