Illegal Fertilizer Supply: कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में उर्वरकों के अवैध परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर नियंत्रण के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम द्वारा सतत निगरानी की जा रही है, इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा डोंगरगांव क्षेत्र में आईपीएल पोटाश की 60 बोरियां जप्त की गई। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार छुरिया विकासखंड के ग्राम बम्हनी चारभांठा निवासी राजेन्द्र मिश्रा द्वारा आईपीएल पोटाश खाद को जिले में लाकर विभिन्न स्थानों पर पहुंचाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर संबंधित खाद के परिवहन को रोककर मौके पर सत्यापन किया गया।
बिना दस्तावेज खाद जब्त
मौके पर संबंधित व्यक्ति से खाद के संबंध में वैध दस्तावेज, बिल एवं चालान प्रस्तुत करने को कहा गया। संबंधित व्यक्ति द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 60 बोरी आईपीएल पोटाश को नियमानुसार जप्त किया गया, जब्त खाद से नियमानुसार नमूना लिया गया और उसे गुणवत्ता परीक्षण के लिए उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला लाभांडी रायपुर भेजा गया। प्रयोगशाला से प्राप्त परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार संबंधित उर्वरक में निर्धारित 60 प्रतिशत पोटाश के स्थान पर मात्र 3 प्रतिशत पोटाश पाया गया।
बिना लाइसेंस खाद बिक्री का खुलासा
पोटाश की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम पाए जाने के कारण प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट में नमूने को अमानक घोषित किया गया है, प्रारंभिक पूछताछ में संबंधित व्यक्ति द्वारा आईपीएल पोटाश खाद कबीरधाम जिले से प्राप्त करना बताया गया। इसके बाद कबीरधाम जिले की विभागीय टीम से समन्वय कर संबंधित व्यक्ति द्वारा बताए गए स्थान पर सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान संबंधित स्थान पर खाद के विक्रय एवं भंडारण से संबंधित वैध अनुज्ञप्ति उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई।
खाद की सप्लाई चेन की जांच
पूछताछ में खाद को अन्य स्थान से प्राप्त कर विभिन्न स्थानों पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। खाद के वास्तविक स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला तथा इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रकरण में संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थाने को सूचना दी गई है। प्रकरण से संबंधित प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों को कार्रवाई में शामिल किया जा रहा है।