India nuclear weapons: दुनिया भर में कोई भी देश अपने परमाणु हथियारों का सही आंकड़ा सार्वजनिक नहीं करता। लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इससे जुड़े अनुमान पेश करती हैं, तो रणनीतिक हलकों में हलचल तेज हो जाती है। इस बार अमेरिका की प्रमुख थिंक-टैंक 'फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स' (FAS) ने भारत के परमाणु जखीरे को लेकर एक नया आकलन जारी किया है। FAS की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास इस समय करीब 190 असेंबल किए गए परमाणु हथियार मौजूद हैं। इनमें से 160 से ज्यादा हथियार अलग-अलग डिलीवरी सिस्टम यानी लॉन्चरों के साथ सीधे तौर पर एक्टिव मोड में तैनात हैं, जबकि बाकी बचे हथियारों को मिसाइल प्रणालियों के लिए तैयार स्थिति में रखा गया है।
आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियारों की संख्या उजागर नहीं
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक्टिव और रिजर्व हथियारों का यह संतुलन किसी अव्यवस्था को नहीं, बल्कि भारत की एक सुविचारित और परिपक्व परमाणु रणनीति को दर्शाता है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत सरकार ने कभी आधिकारिक तौर पर अपने परमाणु हथियारों की संख्या उजागर नहीं की है। FAS द्वारा जारी ये आंकड़े केवल अमेरिकी थिंक-टैंक के अपने अनुमान और विश्लेषणात्मक आकलन पर आधारित हैं।
पर्याप्त मात्रा में प्लूटोनियम का स्टॉक
ऐसे में जमीन पर वास्तविक संख्या इससे थोड़ी कम या ज्यादा भी हो सकती है। रिपोर्ट का सबसे अहम पहलू भारत की भावी तैयारियों से जुड़ा है। FAS का दावा है कि भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में वेपन-ग्रेड प्लूटोनियम का स्टॉक मौजूद है। इस सामग्री के दम पर भारत सैद्धांतिक रूप से 140 से 225 नए परमाणु हथियार और तैयार कर सकता है।बढ़ सकती है परमाणु हथियारों की संख्या
दक्षिण एशिया में चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है। यद्यपि भारत सरकार ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह वैश्विक रिपोर्ट साफ इशारा करती है कि आने वाले समय में भारत न केवल अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा सकता है, बल्कि उन्हें दूर तक सटीक दागने की क्षमता (डिलीवरी सिस्टम) को भी और अधिक मजबूत करेगा।

