बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में भारत का पहला मेडल पक्का, त्रीसा-गायत्री सेमीफाइनल में
बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2026 में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने चीन की जिया यीफान-झांग शू शियान की जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ भारत का पदक पक्का हो गया है। महिला डबल्स में भारत को 15 साल बाद विश्व चैंपियनशिप मेडल मिलेगा।
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कीर्तिमान रिपोर्ट यशोदा साहू
21 Aug 2026, 03:05 PM
नई दिल्ली
बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2026 में भारत ने पहला पदक पक्का कर लिया है। महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन की जिया यीफान और झांग शू शियान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। 69 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद जबरदस्त वापसी की और 16-21, 21-15, 21-13 से जीत दर्ज की। गैर वरीयता प्राप्त त्रीसा और गायत्री ने दबाव के बावजूद अपने खेल में लगातार सुधार किया।
पहले गेम में चीनी जोड़ी ने बढ़त बनाए रखी, लेकिन दूसरे गेम से भारतीय खिलाड़ियों ने स्मैश और नेट प्ले में आक्रामकता बढ़ाई। इसके बाद तीसरे गेम में भी उन्होंने लय बरकरार रखी और मुकाबला अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल में पहुंचते ही त्रीसा और गायत्री का कम से कम कांस्य पदक तय हो गया है। विश्व चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इसके लिए अलग से ब्रॉन्ज मेडल मैच नहीं खेला जाता।
भारतीय जोड़ी की शानदार जीत15 साल बाद महिला डबल्स में भारत को पदक
विश्व चैंपियनशिप के महिला डबल्स में भारत को 15 साल बाद पदक मिलने जा रहा है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने लंदन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। त्रीसा और गायत्री ने भी उस उपलब्धि के बाद भारतीय महिला डबल्स को एक बार फिर विश्व मंच पर बड़ी सफलता दिलाई है। क्वार्टर फाइनल में शुरुआती झटके के बाद दोनों खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और अपने आक्रामक खेल से मैच का रुख बदल दिया। भारतीय जोड़ी की चुनौती आसान नहीं थी।
चार बार विश्व चैंपियन रह चुकी हैं जिया यीफान
चीन की जिया यीफान महिला डबल्स की अनुभवी और सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह चार बार विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनके नाम ओलंपिक में भी एक स्वर्ण और एक रजत पदक है। हालांकि जिया ने ये सभी बड़ी उपलब्धियां चेन किंगचेन के साथ हासिल की थीं। पिछले साल के अंत में चेन किंगचेन के संन्यास के बाद जिया ने झांग शू शियान के साथ नई जोड़ी बनाई। इसके बावजूद त्रीसा और गायत्री ने दोनों खिलाड़ियों को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। 23-23 साल की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए खास है। गायत्री दिग्गज भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद की बेटी हैं। अब सेमीफाइनल में उनकी नजर पदक का रंग बदलने और फाइनल में पहुंचने पर होगी।