Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंबानी के बेटे आकाश और बेटी ईशा अंबानी ने अमेरिका, यूरोप और एशिया के निवेशकों से मुलाकात कर इस सार्वजनिक निर्गम के बारे में जानकारी दी है।
जियो की वैल्यूएशन पर नजर प्रस्तावित आईपीओ का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। इश्यू इसी आकार में बाजार में उतरता है, अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,800 करोड़ रुपए के आईपीओ का रिकॉर्ड पीछे छूट सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस इश्यू के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपए यानी करीब 106 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
आईपीओ की तारीखों और प्राइस बैंड को लेकर क्या है जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए एंकर निवेशकों की बुक 19 अक्टूबर को खुल सकती है। वहीं, आम निवेशकों के लिए यह इश्यू 21 से 23 अक्टूबर तक खुलने की संभावना जताई गई है। शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग 28 अक्टूबर से होने का अनुमान भी सामने आया है। इन तारीखों और कीमतों को फिलहाल संभावित जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, कंपनी या संबंधित नियामकीय दस्तावेजों में इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हो जाती।
नए शेयर जारी कर जुटाई जाएगी पूंजी रिपोर्ट्स के मुताबिक,
जून में दाखिल ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में करीब 27 करोड़ शेयरों का प्रस्ताव था, जो कंपनी की विस्तारित शेयर पूंजी का लगभग 2.93 प्रतिशत बताया गया। आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से रिलायंस समूह की मोबाइल सेवा कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने में किए जाने की उम्मीद है।विदेशी निवेशकों की रणनीति पर भी नजर
जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच दिलचस्पी के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की रणनीति भी चर्चा में है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जियो के कुछ विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचने के बजाय कंपनी में निवेश बढ़ाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो आईपीओ के दौरान उपलब्ध शेयरों और निवेशकों की मांग पर असर पड़ सकता है।
आकाश और ईशा के लिए बड़ी जिम्मेदारी
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अंबानी परिवार की नई पीढ़ी के लिए एक अहम कारोबारी परीक्षा माना जा रहा है। 34 वर्षीय आकाश अंबानी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन हैं, जबकि ईशा अंबानी रिलायंस समूह के रिटेल कारोबार की जिम्मेदारी संभालती हैं। उनके छोटे भाई अनंत अंबानी समूह के न्यू एनर्जी कारोबार से जुड़े हैं।धीरूभाई अंबानी की विरासत से वैश्विक कारोबार तक पहुंचा रिलायंस
69 वर्षीय मुकेश अंबानी ने वर्ष 2002 में अपने पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद रिलायंस समूह की कमान संभाली थी। इसके बाद कंपनी ने तेल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स से आगे बढ़ते हुए रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई। आज रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल है।







