Leopard Attack: घर में सो रहे परिवार के 6 लोगों को नोचा, एक दिन पहले जंगल में युवक पर किया था हमला
Leopard Attack: महासमुंद जिले के कोमाखान वन परिक्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। झिटकी गांव में घर में घुसे तेंदुए ने एक ही परिवार के छह लोगों को घायल कर दिया। इससे एक दिन पहले पंडरीपानी जंगल में भी एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला किया था। लगातार घटनाओं से आसपास के दर्जनभर गांवों में दहशत है। वन विभाग ने गश्त बढ़ाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रकाशित: 04 Oct 2026, 09:10 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
बागबाहरा
स्रोत: स्वयं रिपोर्ट
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Leopard Attack: कोमाखान वन परिक्षेत्र में तेंदुए के लगातार बढ़ते हमलों से झिटकी और पंडरीपानी समेत आसपास के दर्जनभर गांवों में खौफ का सन्नाटा पसरा हुआ है। रविवार देर रात ग्राम झिटकी में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक तेंदुआ सीधा एक मकान में दाखिल हो गया और गहरी नींद में सो रहे एक ही परिवार के छह लोगों को लहुलूहान कर दिया।
अंधेरे में अचानक हुआ हमला, संभलने तक का मौका नहीं मिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात झिटकी निवासी यादव परिवार अपने घर में सोया हुआ था। इसी दौरान आदमखोर रुख अपना चुका तेंदुआ चुपके से घर के भीतर दाखिल हो गया। इससे पहले कि सो रहे लोग कुछ समझ पाते, तेंदुए ने एक-एक कर उन पर हमला बोलना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े, तब जाकर तेंदुआ वहां से भागा। इस खौफनाक हमले में 60 वर्षीय सरजू यादव, उनकी पत्नी उत्तरीबाई यादव (55), जनकराम (40), सुनीता यादव (34), मनीष यादव (18) और 15 वर्षीय तुषार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अचानक हुए इस हमले ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है।
अस्पताल में नहीं मिली वैक्सीन, महासमुंद रेफर होने से फूटा गुस्सा
घटना के तुरंत बाद लहूलुहान घायलों को बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, वहां पहुंचने पर पता चला कि जंगली जानवर के काटने के इलाज के लिए जरूरी वैक्सीन ही मौजूद नहीं है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी छह घायलों को आनन-फानन में महासमुंद जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। स्वास्थ्य केंद्र में जीवनरक्षक दवाओं की अनुपलब्धता को लेकर ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के रवैये के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।
घर में घुसा तेंदुआएक दिन पहले पंडरीपानी में कुल्हाड़ी से भिड़ गया था युवक
झिटकी की घटना से ठीक 24 घंटे पहले पंडरीपानी के जंगलों में भी तेंदुए ने एक ग्रामीण पर जानलेवा हमला किया था। युवक जंगल में सूखी लकड़ी बीनने गया था, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर छलांग लगा दी। युवक ने गजब का साहस दिखाते हुए हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी से तेंदुए का मुकाबला किया। कड़ी टक्कर के बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला था। लगातार दो दिनों में हुई इन दो घटनाओं के बाद ग्रामीणों का मानना है कि दोनों जगह हमला करने वाला तेंदुआ एक ही है। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मौके पर पहुंची टीम, गश्त तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग का अमला गांव पहुंचा। मामले की पुष्टि करते हुए डिप्टी रेंजर दुलार सिंह सिन्हा ने बताया कि तेंदुआ वाकई घर के अंदर घुसा था। उन्होंने कहा, "वन विभाग की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।" फिलहाल झिटकी और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है और लोग शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।