Mahasamund New Bus Stand: लभरा में हुआ चिन्हांकन, लोगों में दो राय
Mahasamund New Bus Stand: 6.50 करोड़ रुपए से नया बस स्टैंड लभरा में प्रस्तावित है। जानिए पुराने बस स्टैंड, ट्रैफिक और यात्रियों की सुविधा पर लोगों की राय।
प्रकाशित: 27 Oct 2026, 12:56 PM· 6 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Mahasamund New Bus Stand: शहर में नए बस स्टैंड की वर्षों पुरानी मांग अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा नए बस स्टैंड के लिए 6.50 करोड़ रुपए की घोषणा के बाद वित्तीय स्वीकृति का आदेश भी जारी हो गया। इसके बाद नगरपालिका ने बस स्टैंड के लिए लभरा में राजिम मोड़ के पास जमीन का चिन्हांकन कर लिया है।
लभरा में जिस जगह को नए बस स्टैन्ड के लिए चुना गया है वो शहर से लगभग 4 किलोमीटर दूर है। ऐसे में नया बस स्टैन्ड शहर से बाहर लेकर जाने से लोगों में दो राय है, की क्या शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बस स्टैंड को शहर से बाहर ले जाना जरूरी है, या पुराने बस स्टैंड में कुछ सुधार कर भी समस्या का समाधान किया जा सकता है? इसी मुद्दे पर लोगों से बातचीत की गई, जिसमें अलग-अलग राय सामने आई।
बस स्टैन्ड और सब्जी मंडी साथ होने से परेशानी
वर्तमान में जो बस स्टैन्ड है वह सब्जी मंडी से लगा हुआ है, सब्जी मंडी में भी बड़ी संख्या में वाहनों का आना जाना लगा रहता है कई सब्जी गाड़ियां भी दिन भर खड़ी रहती है। सब्जी मे ग्राहकों की भीड़ होने से पार्किंग की समस्या पहले से ही बनी हुई है, वहीं बसों के आवागमन से लगने वाले जाम से पूरे शहर का यातायात प्रभावित होता है। यानि सब्जी मंडी और बस स्टैन्ड का एक ही जगह होने के कारण परेशानी बढ़ रही है ।
महासमुंद बस स्टैन्ड पर खड़ी बसें पुराने बस स्टैंड में सुधार की भी उठी मांग
कुछ लोगों का मानना है कि वर्तमान बस स्टैंड को पूरी तरह दूसरी जगह ले जाने के बजाय बस स्टैंड परिसर में लगने वाली सब्जी मंडी को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए। इससे बसों के संचालन और यात्रियों की सुविधाओं के लिए बड़ी जगह मिल सकती है। इसके बाद यही इसी स्थान पर बस स्टैन्ड को विकसित किया जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है। लोगों का यह भी कहना है कि मौजूदा बस स्टैंड शहर की बस्ती के नजदीक है। ऐसे में यात्रियों को बस पकड़ने और बस से उतरने के बाद अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होती है। यदि बस स्टैंड शहर से बाहर चला जाता है, तो रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
प्रस्तावित बस स्टैंड लभरा में राजिम मोड़ के पास बनाया जाना है, जो शहर से लगभग 4 किलोमीटर दूर है, इस दूरी को लेकर भी लोगों में चिंता है। खासकर रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नए बस स्टैंड से शहर तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। बस से उतरने के बाद शहर के भीतर अपने घर या गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को ऑटो या टैक्सी का सहारा लेना पड़ेगा, इससे उनके यात्रा खर्च में बढ़ोतरी होने की आशंका है। हालांकि, यह परेशानी कितनी गंभीर होगी, यह नए बस स्टैंड तक सार्वजनिक परिवहन, ऑटो-टैक्सी की उपलब्धता और शहर से उसकी कनेक्टिविटी पर भी निर्भर करेगा।
शहर के विस्तार और ट्रैफिक सुधार की उम्मीद
दूसरी ओर, कुछ लोग नए बस स्टैंड को शहर के भविष्य के विकास के लिहाज से बेहतर कदम मानते हैं। उनका कहना है कि शहर के भीतर बसों की आवाजाही कम होने से यातायात व्यवस्था सुधारने में मदद मिल सकती है। साथ ही, लभरा की ओर शहर के विस्तार और नए व्यावसायिक क्षेत्रों के विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। लभरा महासमुंद से जुड़ा हुआ गांव है। ऐसे में नया बस स्टैंड बनने से वहां दुकानों, होटल, ढाबों, परिवहन से जुड़े कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार और व्यवसाय के नए विकल्प मिलने की उम्मीद है।
बायपास रोड से भविष्य की उम्मीदें
शहर की यातायात समस्याओं को देखते हुए बायपास सड़क का प्रस्ताव पहले ही हो चुका है। यह बायपास लभरा से होकर बरोंड़ा बाजार, साराडीह होते हुए घोड़ारी की ओर बनाया जाना संभावित है, बायपास बनने से शहर के भीतर ट्राफिक का दबाव कम होगा। बायपास रोड़ के आने से महासमुंद शहर के लिए लभरा यातायात का मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा । वहीं दूसरी ओर पुराने बस स्टैन्ड को विकसित करने से बस स्टैन्ड की समस्या का समाधान तो हो जाएगा पर बसों की आवाजाही से शहर के भीतर ट्राफिक की समस्या जस की तस बनी रहेगी। इसलिए भविष्य में शहर के विस्तार दो ध्यान रखा जाए तो नए बस स्टैन्ड का शहर से बाहर बनाया जाना अधिक व्यावहारिक और उचित निर्णय प्रतीत होता है।
नए बस स्टैंड की जगह तय होने के बाद लोगों के मन में एक और सवाल है कि क्या इसके शुरू होने पर मौजूदा बस स्टैंड पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा या उसे किसी दूसरे उपयोग में लाया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।
बस स्टैंड को शहर से बाहर ले जाने का उद्देश्य केवल ट्रैफिक की समस्या दूर करना है या इसके पीछे शहर के विस्तार और परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने की योजना भी है, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।
फैसला केवल जगह बदलने का नहीं, यात्री सुविधाओं का भी है
महासमुंद में नए बस स्टैंड की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब 6.50 करोड़ रुपए की घोषणा और जमीन के चिन्हांकन के बाद यह परियोजना आगे बढ़ रही है। लेकिन लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि इस फैसले को केवल निर्माण कार्य के रूप में नहीं, बल्कि शहर की भविष्य की परिवहन व्यवस्था के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
नया बस स्टैंड शहर के ट्रैफिक को राहत दे सकता है और लभरा में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। वहीं, यात्रियों की सुविधा, रात में आवागमन, अतिरिक्त खर्च और पुराने बस स्टैंड के भविष्य जैसे सवालों का समाधान भी जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन और नगरपालिका नए बस स्टैंड की योजना में इन सभी पहलुओं को किस तरह शामिल करते हैं, ताकि शहर के विकास के साथ यात्रियों की सुविधा भी बनी रहे।