Mahasamund News: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन-भत्तों में हेरफेर कर सरकारी राशि के गबन के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, मामले में निलंबित सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर पर आरोप है कि उन्होंने सहायक शिक्षक (विज्ञान) विपिन कुमार साहू के वास्तविक वेतन-भत्तों में नियम विरुद्ध तरीके से वृद्धि दर्ज की। इसके बाद कोषालय से बढ़ी हुई राशि का आहरण किया गया।
मई 2025 से जनवरी 2026 तक हुई वित्तीय अनियमितता
आदेश में बताया गया है कि मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच नियमित वेतन देयकों में ऑनलाइन ई-बिल तैयार कर अतिरिक्त राशि निकाली गई। आरोप है कि वेतन में बढ़ाई गई राशि और वास्तविक भुगतान के बीच के अंतर को निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। मामले की जांच के दौरान आहरण एवं संवितरण अधिकारी उमा ठाकुर और बजट कक्ष प्रभारी अकील मोहम्मद खान की भूमिका भी सामने आई। कोष, लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़ की जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।श्गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए लिया गया फैसला
लोक शिक्षण संचालनालय ने इस प्रकरण को गंभीर वित्तीय अनियमितता, नियमों की अनदेखी, धोखाधड़ी और षड्यंत्र से जुड़ा मामला माना है। इसके बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। दोनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महासमुंद निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

