मलेरिया ने छीनी मां की ममता : 3 महीने पहले जुड़वा बच्चियों को जन्म देने वाली महिला की मौत, गांव में पसरा मातम
कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के चीज़गांव में मलेरिया संक्रमित महिला राकेश्वरी कल्लो की मौत हो गई। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के समय पर नहीं पहुंचने और 108 एंबुलेंस में देरी का आरोप लगाया है। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और मलेरिया नियंत्रण अभियान पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कीर्तिमान डेस्क
29 Jul 2026, 07:39 AM
कांकेर
कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में मलेरिया से दो छात्रों की मौत के बाद अब एक महिला की भी जान चली गई है। ताजा मामला भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम चीज़गांव का है, जहां मलेरिया संक्रमित महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और इलाज व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची और एंबुलेंस आने में भी काफी देरी हुई, जिसके चलते महिला को समय पर उपचार नहीं मिल सका।
मलेरिया पॉजिटिव आने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, ग्राम चीज़गांव के आवास पारा निवासी राकेश्वरी कल्लो की मंगलवार सुबह मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, 27 जुलाई को गांव की मितानिन ने घर पहुंचकर महिला की जांच की थी। जांच में महिला मलेरिया पॉजिटिव पाई गई थी। मितानिन ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी थी और महिला को मलेरिया की दवा भी उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला की जांच या निगरानी के लिए गांव नहीं पहुंची। तीन महीने के बच्चे से छीनी मां की ममता
एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी का आरोप
परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह अचानक महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई, जिसके बाद तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस करीब डेढ़ घंटे की देरी से गांव पहुंची। इसके बाद गंभीर हालत में महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद व्यवस्था पर उठे सवाल
कांकेर जिले में बढ़ते मलेरिया मामलों को देखते हुए कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने 27 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वहीं 28 जुलाई को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कांकेर पहुंचे थे। उन्होंने बस्तर संभाग के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मलेरिया नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की थी। इसके बावजूद जिले में मलेरिया से तीसरी मौत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और मैदानी स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन महीने पहले दिया था जुड़वा बच्चियों को जन्म
राकेश्वरी कल्लो की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि महिला ने करीब तीन महीने पहले ही जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। मां की असमय मौत के बाद दोनों मासूम बच्चियां अब मां के स्नेह से दूर हो गई हैं। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
मलेरिया नियंत्रण पर अब बड़ी चुनौती
कांकेर जिले में लगातार सामने आ रहे मलेरिया के मामलों और मौतों ने स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर जांच, दवा उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मलेरिया की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।