आरंग में शिक्षकों की रैली, सेवा सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन
आरंग में शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने और पूर्व सेवा की गणना समेत विभिन्न मांगों को लेकर रैली निकाली।
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कीर्तिमान रिपोर्ट कमलेश साहू
22 Aug 2026, 07:49 PM
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शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशभर के 146 विकासखंडों में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रैली, धरना और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया। आरंग में भी शिक्षकों ने बारिश के बीच रैली निकाली और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को सेवा सुरक्षा की मांग
शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को सेवा सुरक्षा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने और पूर्व सेवा की गणना सहित अन्य मांगें भी ज्ञापन में शामिल की गईं।
बारिश के बीच निकली रैली सेवा सुरक्षा की मांग
खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। शिक्षकों का कहना था कि लंबे समय से लंबित इन मुद्दों का समाधान किया जाना जरूरी है।
स्कूल बंद किए बिना किया प्रदर्शन
आंदोलन की खास बात यह रही कि शिक्षकों ने विद्यालय बंद किए बिना अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शिक्षक साझा मंच ने कहा कि आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। शिक्षकों ने अपने अधिकारों की आवाज उठाने के साथ विद्यार्थियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई।
शिक्षकों ने कहा- मांगों के समाधान तक जारी रहेगा संघर्ष
शिक्षक साझा मंच के रविंद्र राठौर ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अब सभी शिक्षक एकजुट होकर अपनी मांगें शासन के सामने रख रहे हैं। धरम दास पाटिल ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था को बाधित करना नहीं है। शिक्षकों की कोशिश है कि उनके साथ जुड़े मुद्दों का न्यायपूर्ण समाधान हो और भविष्य को लेकर बनी असुरक्षा दूर की जाए। मंच ने स्पष्ट किया कि सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता और अन्य शिक्षक हितों से जुड़े मामलों के समाधान तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।
ये शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में महेंद्र कुमार साहू, संतोष चंद्राकर, समीर चंद्राकर, गिरजा शंकर देवांगन, गिरिजा शंकर अग्रवाल, सावित्री सोनकर, शीला, भागेश्वरी धर्मगुड़ी, ज्योति, नम्रता सोनी, रामनाथ साहू, रोमेश भारद्वाज, राजमोहन, इंद्रजीत वर्मा, अनिल कुमार चतुर्वेदी, घनश्याम धृतलहरे, डोमन डहरिया, तुका राम, नागेन्द्र देवांगन, छोटू राम साहू, विश्राम प्रसाद बंजारे, रामकुमार ध्रुव, उत्तम कुमार बंजारे, धीरेंद्र साहू, हुमन लाल साहू, हुमन लाल साहू, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, विमल चंद सोनवानी, करमचंद सोनवानी, अरुण कुमार पटेल, चन्द्रशेखर साहू, चरण वर्मा, ओमप्रकाश साहू और उदय राम साहू सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।