Milk Adulteration: बागली क्षेत्र से दूध की गुणवत्ता को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दूध को गर्म करने के बाद उसके फटने या मावा बनने के बजाय वह रबड़ जैसी जैली में बदल गया। इतना ही नहीं, इस जैली को हाथ से खींचने पर वह चिंगम की तरह खिंचती नजर आई। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दूध की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर सवाल उठने लगे हैं। डेयरी से खरीदा था दूध बागली से लगे ग्राम छतरपुरा निवासी राहुल पाटीदार के मुताबिक, उन्होंने बागली की एक निजी दूध डेयरी से दूध खरीदा था।
दूध गर्म करते ही बदला रंग-रूप
घर पहुंचने के बाद जब दूध को गर्म किया गया तो उसका स्वरूप अचानक बदल गया। सामान्य तौर पर गर्म करने पर दूध उबलता है या खराब होने की स्थिति में फट जाता है, लेकिन यहां दूध रबड़ जैसी जैली में बदल गया। राहुल का कहना है कि जब इस जैली को हाथ से खींचा गया तो वह काफी लचीली थी और चिंगम की तरह खिंच रही थी। इसके बाद उन्होंने इसका वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। डेयरी संचालक ने बताया गाय की तासीर राहुल के अनुसार, मामले की शिकायत डेयरी संचालक से की गई।
पहले भी मिलावट की शिकायत
इस पर संचालक ने इसे गाय के दूध की तासीर का असर बताया। हालांकि राहुल का दावा है कि अकेले उनके साथ ऐसा नहीं हुआ है। क्षेत्र के करीब 4 से 5 अन्य लोगों ने भी इसी तरह के दूध की शिकायत की है। इससे मामला और गंभीर हो गया है और लोग दूध की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।पहले भी मिलावटी दूध-मावा की शिकायत बताया जा रहा है कि क्षेत्र में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं।भारतीय किसान संघ की ओर से हाटपीपल्या तहसीलदार को ज्ञापन देकर क्षेत्र में केमिकलयुक्त दूध, मिलावटी मावा और पनीर की बिक्री की शिकायत की गई थी।
मिलावट मिलने पर होगी कार्रवाई
शिकायत के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। अब दूध के इस मामले के सामने आने के बाद खाद्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सैंपल लेकर होगी जांच मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने संबंधित डेयरी से दूध के सैंपल लेकर जांच कराने की बात कही है। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि दूध में किसी तरह की मिलावट या अन्य पदार्थ मौजूद था या नहीं।
फिलहाल वायरल वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। लोगों की नजर अब खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। अगर जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी अहम होगा।

