Mohammed Shami: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 6 नवंबर 2026 को अपने टेस्ट डेब्यू के 13 साल पूरे होने के मौके पर शमी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने सफेद जर्सी को अलविदा कहते हुए लिखा कि भले ही अब वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेंगे, लेकिन इस प्रारूप से जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे।
उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से भी उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बावजूद शमी ने क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। वह घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलते नजर आएंगे।
भावुक संदेश के साथ शमी ने जताया आभार
अपने संन्यास की घोषणा करते हुए मोहम्मद शमी ने क्रिकेट के सफर में साथ देने वाले साथियों, कोचों, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट की सफेद जर्सी को छोड़ना आसान नहीं है, क्योंकि इससे उनकी कई यादें और भावनाएं जुड़ी हुई हैं। शमी के मुताबिक, जब उन्होंने पहली बार भारतीय टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब यह देश के लिए कुछ कर दिखाने के उनके सपने का हिस्सा था। इस सफर में मिले विकेट, मैदान पर किए गए संघर्ष, चोटों और वापसी के अनुभवों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।
BCCI और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन को कहा धन्यवाद
मोहम्मद शमी ने अपने संदेश में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) का भी विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया और क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि मैदान पर भले ही उनकी आखिरी टेस्ट गेंद फेंकी जा चुकी हो, लेकिन देश के लिए खेलने का गर्व हमेशा उनके दिल में रहेगा।ऐसा रहा मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर
मोहम्मद शमी ने साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले। अपने टेस्ट करियर में शमी ने 27.71 की औसत से कुल 229 विकेट हासिल किए। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। अपनी तेज रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और रिवर्स स्विंग की क्षमता के दम पर शमी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अहम योगदान दिया।












