Narmadapuram News: नाबालिग से दुष्कर्म और अवैध गर्भपात कराने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले में पांच दिनों के भीतर इस तरह का यह दूसरा मामला है। इटारसी क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मामले में आरोपी अनुज सोनकर और उसके भाई राहिल सोनकर को नामजद किया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी अनुज सोनकर के पिता रजनीकांत सोनकर कांग्रेस के जिला महासचिव और पूर्व पार्षद हैं, जबकि आरोपी का भाई राहिल सोनकर भाजपा कार्यकर्ता बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
घर में अकेला पाकर किया दुष्कर्म
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी अनुज सोनकर एक-दूसरे को पहले से जानते थे। आरोप है कि फरवरी 2026 में जब पीड़िता अपने घर में अकेली थी, तब आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद आरोपी ने कई बार उसका शोषण किया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जून 2026 में जब उसे अपनी गर्भावस्था की जानकारी हुई तो उसने आरोपी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आरोपी के बड़े भाई राहिल सोनकर ने मेडिकल से दवा लाकर दी, जिसके जरिए अवैध रूप से गर्भपात कराया गया।
शादी से इनकार के बाद थाने पहुंची पीड़िता
शिकायत के अनुसार, गर्भपात के करीब तीन महीने बाद आरोपी पीड़िता को इटारसी के एक कैफे के केबिन में ले गया, जहां उसने फिर से गलत हरकत की। इसके बाद 10 सितंबर को पीड़िता ने आरोपी से शादी करने की बात कही, लेकिन आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया।
इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद परेशान होकर पीड़िता ने नर्मदापुरम महिला थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
महिला थाना पुलिस ने आरोपी अनुज सोनकर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वहीं, अवैध गर्भपात के लिए दवा उपलब्ध कराने के आरोप में राहिल सोनकर को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में पांच दिन में दूसरा मामला
गौरतलब है कि नर्मदापुरम जिले में पांच दिनों के अंदर नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भपात कराने का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग ने अजीत सिंह राजपूत पर दुष्कर्म, मारपीट और गर्भपात कराने के आरोप लगाए थे। उस मामले में पुलिस ने आरोपी की मां, बहन, जांच करने वाली महिला डॉक्टर समेत पांच लोगों को सह-आरोपी बनाया था।

