Poland Air Defense Upgrade: अमेरिका ने यूरोप में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की PAC-3 इंटरसेप्टर मिसाइलों के रखरखाव के लिए पोलैंड को चुना है। इस फैसले से नाटो के पूर्वी मोर्चे पर मिसाइलों की मरम्मत और रखरखाव की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, यूरोपीय देशों की अमेरिकी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता कम करने और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिशों को भी गति मिल सकती है। वारसॉ में सामने आई इस घोषणा के अनुसार, अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित PAC-3 मिसाइलों के लिए पोलैंड में एक क्षेत्रीय रखरखाव केंद्र स्थापित किया जाएगा। अमेरिकी और पोलिश अधिकारियों ने इस फैसले को दोनों देशों के रक्षा सहयोग के लिहाज से अहम बताया है।
नाटो के पूर्वी मोर्चे पर बढ़ेगी रक्षा क्षमता
पेंटागन के अधिग्रहण प्रमुख माइकल डफी ने कहा कि इस परियोजना के जरिए सहयोगी देश अपनी प्रतिबद्धताओं को जमीन पर उतार रहे हैं। उनके मुताबिक, नाटो के पूर्वी मोर्चे पर जरूरी रखरखाव सुविधाएं स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय संसाधनों का इस्तेमाल गठबंधन की एकजुटता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करने का संकेत है। इस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक सहयोग की भी अहम भूमिका होगी। योजना के तहत जर्मनी, नीदरलैंड और स्वीडन आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े महत्वपूर्ण कामों में योगदान देंगे। नए केंद्र के शुरू होने से मिसाइलों के रखरखाव में लगने वाला समय घटाने और यूरोप के पूर्वी हिस्से में वायु रक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पोलैंड ने प्रतिस्पर्धा के बाद हासिल की परियोजना
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने मंगलवार को कहा कि देश ने इन क्षमताओं और जरूरी बुनियादी ढांचे को हासिल करने के लिए काफी प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए पोलैंड को कई अन्य महत्वाकांक्षी दावेदारों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब यूरोपीय देश PAC-3 MSE इंटरसेप्टर मिसाइलों के स्थानीय उत्पादन की संभावनाओं पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं। जर्मनी, पोलैंड और यूक्रेन चाहते हैं कि उन्हें इन मिसाइलों की नई पीढ़ी का निर्माण अपने यहां करने की अनुमति मिले, ताकि वैश्विक मांग के बीच आपूर्ति संबंधी चुनौतियों से निपटा जा सके।पैट्रियट मिसाइलों पर पोलैंड का बड़ा निवेश
पोलैंड लंबे समय से अपनी वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने में जुटा है। मार्च 2018 में देश ने अपनी मध्यम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली के लिए पैट्रियट सिस्टम की दो कॉन्फिगरेशन 3+ बैटरियां खरीदने के लिए करीब 4.75 अरब डॉलर का अनुबंध किया था। इसके बाद मई 2022 में कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू किया गया। इस दौरान पोलैंड ने अमेरिका से संबंधित उपकरणों के साथ छह अतिरिक्त पैट्रियट बैटरियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। दिसंबर 2025 में पोलिश सरकार ने बताया था कि शुरुआती दो बैटरियां पूरी तरह परिचालन के लिए तैयार हैं। यूरोप में PAC-3 मिसाइलों के रखरखाव केंद्र की स्थापना पोलैंड के रक्षा ढांचे को नई मजबूती दे सकती है। इसके साथ ही, स्थानीय उत्पादन को लेकर जारी बातचीत सफल होती है तो भविष्य में यूरोपीय देशों को इन मिसाइलों की उपलब्धता बढ़ाने और रखरखाव संबंधी जरूरतों को तेजी से पूरा करने में मदद मिल सकती है।







