Brazil BrahMos Missile Deal: वैश्विक रक्षा बाजार में भारतीय हथियारों की धाक लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में अब ब्रिक्स (BRICS) समूह में भारत के अहम साझीदार ब्राजील ने भारतीय रक्षा उपकरणों में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। ब्राजील की सेना का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 14 दिनों के भारत दौरे पर आ रहा है, जो देश की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं (Defence Manufacturing Capabilities) का बारीकी से आकलन करेगा। खास बात यह है कि ब्राजील सिर्फ रेडीमेड हथियार खरीदने के मूड में नहीं है, बल्कि वह भारत के साथ रूस की तर्ज पर तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन जैसी बड़ी डील की उम्मीद लगाए बैठा है।
बेंगलुरु की डिफेंस लैब और यूनिट्स का होगा दौरा
भू-राजनीतिक समीकरणों में आ रहे बदलावों के बीच ब्राजील अपनी पारंपरिक रक्षा आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता को कम करना चाहता है। ब्राजीलियाई सैन्य अधिकारियों का यह दल बेंगलुरु स्थित देश की प्रमुख रक्षा प्रयोगशालाओं और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का दौरा करेगा। इस 14 दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ब्रह्मोस एयरोस्पेस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और टाटा एडवांस्ड Systems के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। हालांकि यह दल सीधे तौर पर फाइनल खरीद का फैसला लेने वाली संस्था का हिस्सा नहीं है, लेकिन इनकी तकनीकी रिपोर्ट ही ब्राजील की भविष्य की डिफेंस स्ट्रैटेजी और खरीद नीतियों की दिशा तय करेगी।
इन प्रमुख हथियारों पर टिकी हैं निगाहें
- ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल: भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम से बनी ब्रह्मोस मिसाइल ब्राजील के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। ब्राजील अपनी लंबी अटलांटिक तटरेखा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इसकी एंटी-शिप और सटीक मारक क्षमता का बारीकी से आकलन कर रहा है। यदि यह सौदा परवान चढ़ता है, तो लैटिन अमेरिकी बाजार में ब्रह्मोस के लिए यह एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी होगी।
- आकाश-NG एयर डिफेंस सिस्टम: अपनी वायु रक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ब्राजील ने 'मीडियम/हाई एल्टीट्यूड एयर डिफेंस आर्टिलरी' कार्यक्रम शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत जारी आरएफआई (RFI) में भारत का स्वदेशी आकाश-NG सिस्टम एकदम सटीक बैठता है। यह मिसाइल 50 किलोमीटर तक की इंटरसेप्शन रेंज और हर मौसम में ऑपरेशनल रहने की खूबी से लैस है।
- बीईएल (BEL) का विस्तार और रडार तकनीक: ब्राजीलियाई दल बीईएल द्वारा तैयार किए जाने वाले रडार और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम्स का भी जायजा लेगा। इस साझेदारी को स्थायी रूप देने के लिए बीईएल ब्राजील में अपना कॉर्पोरेट कार्यालय खोलने की योजना पर भी विचार कर रहा है।







