छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी के यहां काम करने वाले युवकों ने नौकरी से निकाले जाने के बाद कारोबारी के परिवार से जुड़ा निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग की। शिकायत मिलने के बाद मस्तूरी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मस्तूरी थाना क्षेत्र में रहने वाला कारोबारी ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है।
उसने कारोबार का काम संभालने के लिए पीतांबर सिंह और अजय चौधरी को रखा था। कुछ समय बाद हिसाब-किताब में गड़बड़ी सामने आने पर दोनों को नौकरी से हटा दिया गया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उन्होंने कारोबारी और उसके परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया।
चुपके से बनाया था निजी वीडियो
शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों के पास कारोबारी की पत्नी और उसके रिश्तेदार से जुड़ा एक निजी वीडियो था। आरोप है कि यह वीडियो उनकी जानकारी के बिना बनाया गया था। बाद में इसी वीडियो के जरिए परिवार को धमकाया गया और पैसे की मांग की गई। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, 9 जुलाई की रात करीब 10 बजे आरोपी परिवार के एक सदस्य के पास पहुंचे। यहां गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद निजी वीडियो दिखाकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि बाद में वीडियो को सोशल मीडिया पर भी प्रसारित कर दिया गया। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद महिला और उसके परिवार को मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ा।शिकायत के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद परिवार ने मस्तूरी थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। मस्तूरी पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने अजय चौधरी (23), नरेश पटेल (24) और पीतांबर सिंह (38) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तीनों खपरी लिमतरा के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आईटी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 77, 79, 296 और 351(3) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66ई, 67 और 67बी तथा एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।