Punjab Assembly Elections: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल अभी से बजता दिखने लगा है। राज्य की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव की तारीखों के ऐलान से काफी पहले बाजी मारते हुए अपने 40 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम मुख्यमंत्री भगवंत मान का है, जो अपनी पुरानी और भरोसेमंद सीट धूरी से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे।
अटकलों पर लगा विराम, पुरानी सीट पर ही भरोसा
पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि भगवंत मान इस बार अपनी पारंपरिक सीट बदल सकते हैं या दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। हालांकि, पहली लिस्ट के साथ ही इन तमाम कयासों पर पूर्ण विराम लग गया है। मान संगरूर जिले की धूरी सीट से ही दोबारा ताल ठोकेंगे। गौरतलब है कि पिछले चुनावों में भगवंत मान ने इस सीट पर एकतरफा जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस प्रत्याशी दलवीर सिंह गोल्डी को 58,206 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।
37 मौजूदा विधायकों पर फिर खेला दांव
आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली सूची में किसी बड़े प्रयोग से बचते हुए मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जताया है। 40 नामों की इस सूची में 37 ऐसे चेहरे हैं जो फिलहाल अपनी-अपनी सीटों से विधायक हैं और उन्हें उन्हीं क्षेत्रों से दोबारा मौका दिया गया है। इसके अलावा, जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा को भी पार्टी ने दोबारा टिकट दिया है। AAP ने उन पर अपना भरोसा बरकरार रखते हुए लुधियाना वेस्ट सीट से प्रत्याशी बनाया है।समय रहते प्रचार की रणनीति
पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए आम चुनाव भले ही 2027 में होने हों, लेकिन आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले उम्मीदवारों का ऐलान करके सियासी बढ़त बनाने की कोशिश की है। पार्टी की रणनीति साफ नजर आ रही है—वह अपने प्रत्याशियों को जमीनी स्तर पर जनसंपर्क और चुनाव प्रचार के लिए पूरा वक्त देना चाहती है, ताकि सत्ता विरोधी लहर या किसी भी राजनीतिक चुनौती से समय रहते निपटा जा सके।






