Raipur News: राजधानी के अमलीडीह इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और विरोध करने पर परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यू राजेंद्र नगर थाने में दो महिलाओं के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2026 की धारा 16(1) के तहत कानूनी शिकंजा कसते हुए जांच शुरू कर दी है।
बेटी का हो चुका है धर्मांतरण, अब 16 साल के बेटे को बनाया जा रहा था निशाना
शिकायतकर्ता परिवार ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उन पर लंबे समय से लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वे ईसाई धर्म अपना लें। आरोप यह भी है कि परिवार की छोटी बेटी का पहले ही धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। अब आरोपियों की नजर 16 साल के नाबालिग बेटे पर थी, जिसे तरह-तरह के प्रलोभन देकर धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
धर्म नहीं अपनाने पर मारपीट, मोबाइल तोड़े और घर में किया कैद
पीड़ित परिवार का दावा है कि जब उन्होंने और उनके परिजनों ने धर्म परिवर्तन करने से साफ इनकार कर दिया, तो बात हाथापाई तक पहुंच गई। आरोप है कि आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के साथ लात-घूंसों से जमकर मारपीट की। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उनके मोबाइल फोन तक तोड़ दिए गए, ताकि वे किसी से मदद न मांग सकें। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने घर में ताला लगाकर उन्हें अंदर ही कैद कर दिया और हालात यह बना दिए कि वे इलाज के लिए भी घर से बाहर नहीं जा सके। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और अपनी आपबीती पुलिस अधिकारियों को बताई।
पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ दर्ज किया केस
शिकायत और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने विशाखा मसीह और दुलारी साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर एक तथ्य और आरोप की गहराई से छानबीन की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






