रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर गंभीर स्थिति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई इलाकों में बड़े हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और अन्य हथियारों के इस्तेमाल का दावा किया गया है। वहीं, काला सागर में भी सैन्य गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। दूसरी ओर NATO के पूर्वी हिस्सों में भी सुरक्षा तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं।
कीव में रातभर बरसीं मिसाइलें, कई इलाकों में तबाही
रिपोर्टों के अनुसार, 7 और 8 अगस्त की रात रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाया। दावा किया गया कि हमले में इस्कंदर-M बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। बताया जा रहा है कि रात करीब पौने एक बजे पहली मिसाइल कीव में गिरी। इसके कुछ ही मिनटों बाद राजधानी की ओर कई और मिसाइलें दागे जाने की जानकारी सामने आई। हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में आग लग गई और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। कीव के ब्रोवरी इलाके में एक बच्चे और उसके दादा-दादी की मौत होने की खबर सामने आई है। वहीं कई लोगों के घायल होने और कुछ के लापता होने की जानकारी दी गई है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं।
वेयरहाउस कर्मचारियों ने शेल्टर में जाकर बचाई जान
कीव में हुए हमले के दौरान एक वेयरहाउस के कर्मचारियों ने समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। कर्मचारी मिखाइल हुकोव ने बताया कि जैसे ही एयर रेड सायरन बजा, उन्हें बैलिस्टिक मिसाइल हमले की आशंका हो गई। उन्होंने तुरंत अपने साथियों को संदेश भेजकर सभी को शेल्टर में जाने के लिए कहा। उनके अनुसार, कुछ कर्मचारी अपना सामान लेने वापस जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। कुछ देर बाद हुए तेज धमाकों से ऐसा महसूस हुआ कि विस्फोट बिल्कुल पास ही हुआ है। समय पर शेल्टर में पहुंचने के कारण कई लोगों की जान बच गई।धमाके के बाद ट्रक में लगी आग, चालक बाल-बाल बचा
रूसी हमले के दौरान कीव में मौजूद ट्रक चालक इवान ब्रागा भी इसकी चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि वह अपने ट्रक में बैठे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद उनके ट्रक और पास खड़े एक अन्य वाहन में आग लग गई। इवान के मुताबिक, हालात इतने भयावह थे कि उन्हें जरूरी सामान और दस्तावेज निकालने का भी समय नहीं मिला। वह सिर्फ कपड़ों का एक बैग लेकर बाहर निकल पाए। हमले की गर्मी से उन्हें शरीर के कुछ हिस्सों में जलने की चोट भी आई।
गेरान-4 ड्रोन को लेकर रूस का दावा
रूस का कहना है कि गेरान-4 ड्रोन में आधुनिक सेंसर और बेहतर गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि यह ड्रोन संचार व्यवस्था प्रभावित होने के बाद भी अपने कैमरों और सेंसर की मदद से लक्ष्य तक पहुंच सकता है। रिपोर्टों में इसकी गति करीब 500 किलोमीटर प्रति घंटे और इसकी मारक क्षमता 450 से 500 किलोमीटर तक बताई गई है। इसके अलावा इसमें एंटी-जैमिंग तकनीक और निगरानी क्षमता होने का भी दावा किया जाता है। युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कम लागत और दूर तक हमला करने की क्षमता के कारण रूस और यूक्रेन दोनों ही ड्रोन तकनीक पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं।युद्ध का भविष्य किस दिशा में जाएगा ?रूस-यूक्रेन युद्ध फिलहाल किसी निर्णायक समाधान की ओर बढ़ता दिखाई नहीं दे रहा है।
मिसाइल हमले, ड्रोन युद्ध और समुद्री संघर्ष ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। दोनों पक्ष अपनी सैन्य रणनीति को लगातार बदल रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह संघर्ष केवल यूक्रेन तक सीमित रहेगा या आने वाले समय में NATO और रूस के बीच तनाव और बढ़ेगा। अभी तक रूस और NATO दोनों ही सीधे युद्ध से बचते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पूर्वी यूरोप में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और लगातार जारी हमलों ने वैश्विक चिंता जरूर बढ़ा दी है।