SCO Meeting: तनावपूर्ण रिश्तों के बीच भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुँचा, 2027 शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा
SCO Meeting: इस्लामाबाद में 28 से 30 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई है। बैठक में भारत समेत सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मौका है जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा है। हालांकि, इसे भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार के संकेत के बजाय SCO की नियमित बहुपक्षीय प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। बैठक में वर्ष 2027 में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन की तैयारियों और संगठन के भविष्य के एजेंडे पर चर्चा की जा रही है।
SCO Meeting: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सोमवार से शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। 28 से 30 सितंबर तक चलने वाली इस बैठक में भारत सहित संगठन के तमाम सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक मुख्य रूप से वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट'
शिखर सम्मेलन की पूर्व तैयारियों और एजेंडे को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला आधिकारिक दौरा
कूटनीतिक नजरिये से भारतीय प्रतिनिधिमंडल का यह पाकिस्तान दौरा बेहद खास माना जा रहा है। हालिया घटनाक्रमों और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दोनों देशों के बीच बने तनावपूर्ण माहौल के बीच यह पहला मौका है जब कोई भारतीय दल इस्लामाबाद पहुँचा है। हालांकि, कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में किसी बड़ी नरमी या सुधार के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह विशुद्ध रूप से एक बहुपक्षीय संगठन की तय व्यवस्था और रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है।
बैठक का नेतृत्व और मुख्य चेहरे
इससे पहले अक्टूबर 2024 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' की बैठक के सिलसिले में इस्लामाबाद की यात्रा की थी।
पाकिस्तान के पास वर्तमान अध्यक्षता
वर्तमान में पाकिस्तान के पास SCO की कमान है। संगठन के नियमानुसार, अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में 'एसोसिएशन ऑफ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट' (SCO शिखर सम्मेलन) का आयोजन होना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह तीन दिवसीय बैठक आगामी शिखर सम्मेलन के साथ-साथ पाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले अन्य उच्च-स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में बेहद अहम साबित होगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस दौरान सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग, भावी रणनीति और संगठन के प्रमुख एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
तनाव के बावजूद जारी है कूटनीतिक भागीदारी
भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में एक साथ SCO के पूर्णकालिक सदस्य बने थे। तब से लेकर अब तक, दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक खिंचाव के बावजूद, दोनों देश संगठन की संस्थागत बैठकों और तय प्रक्रियाओं में नियमित रूप से हिस्सा लेते रहे हैं।