Saraswati Cycle Yojana: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत ग्राम घुंचापाली कला और बकमा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कुल 64 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। इससे ग्रामीण छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी और उनकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रह सकेगी। ग्राम घुंचापाली कला में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर ने 25 छात्राओं को साइकिल प्रदान की। वहीं, ग्राम बकमा में 39 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल दी गई।
बकमा में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच लिलेश्वर बल्ला साहू ने की। भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को आवागमन की सुविधा मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।
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शिक्षा से विकसित भारत
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। बेटियों को शिक्षा, अवसर और आत्मनिर्भरता के साधन उपलब्ध कराकर ही विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रखी जा सकती है। ग्राम बकमा में साइकिल वितरण के बाद अतिथियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
शिक्षक और ग्रामीण रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जनपद सदस्य मधुलिका चंद्राकर, सरपंच देव बरिहा, भालूचुआ सरपंच अंजोर सिंह ठाकुर, जूनवानी खुर्द सरपंच नरेंद्र ठाकुर, बकमा सरपंच लिलेश्वर बल्ला साहू, उपसरपंच कमल नारायण साहू, मिलन कुमार साहू, भुनेश्वर पटेल, हृदयराम साहू, पुरन शबर, ओमप्रकाश ध्रुव, गिरीश हिन्दुस्तानी, अशोक चक्रधारी, ज्ञान सिंह चक्रधारी और नेतराम साहू उपस्थित रहे। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार ललित सोनी, प्रखर चंद्राकर, प्राचार्य खेदूराम चंद्राकर सहित शिक्षक, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
बेटियों की शिक्षा हमारी प्राथमिकता
भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र की प्रत्येक बेटी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही सशक्त समाज, विकसित छत्तीसगढ़ और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और पौधारोपण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है। बेटियों की शिक्षा एवं पर्यावरण की रक्षा ही सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।
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