Shahdol illegal liquor case: शराब से हुई मौतों की घटना के बाद आखिरकार शहडोल जिले का आबकारी विभाग हरकत में आया है। जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब कारोबार के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कच्ची शराब बनाने की सामग्री और तैयार हाथ भट्ठी शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान 1320 किलो महुआ लाहन और 66 लीटर हाथ भट्ठी शराब बरामद की गई है। मामले में 8 लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
मौतों के बाद जागा प्रशासन
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से कैसे चलता रहा और जिम्मेदार विभाग को इसकी भनक पहले क्यों नहीं लगी। क्या कार्रवाई के लिए किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा था?
मौतों के बाद जागा सरकारी तंत्र जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया। घटना के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग सक्रिय हुआ और अवैध शराब के ठिकानों पर लगातार दबिश देना शुरू किया गया।
आबकारी टीम की बड़ी कार्रवाई
आबकारी विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 1320 किलो महुआ लाहन और 66 लीटर हाथ भट्ठी शराब जब्त करने का दावा किया है। इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। इन गांवों में पहुंची आबकारी टीम आबकारी विभाग की कार्रवाई ब्यौहारी क्षेत्र के कई गांवों में की गई। पापौंध निवासी सुरेश जायसवाल के पास से 5 लीटर और केशबाई जायसवाल के पास से 6 लीटर हाथ भट्ठी शराब बरामद की गई। वहीं खारी गांव में अमित जायसवाल के कब्जे से 200 किलो महुआ लाहन मिला।
अवैध कारोबार पर सवाल
जमोड़ी निवासी ललिया प्रजापति के पास से 15 किलो महुआ लाहन और दीप नारायण प्रजापति के पास से 6 लीटर हाथ भट्ठी शराब जब्त की गई। इसके अलावा सरसी निवासी अरुण जायसवाल के पास से 200 किलो महुआ लाहन बरामद किया गया। अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई करते हुए विभाग ने बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने की सामग्री जब्त की है।
जांच और कार्रवाई की चुनौती
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का निर्माण हो रहा था, तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग तक क्यों नहीं पहुंची। वहीं यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या विभाग केवल घटनाओं के बाद ही कार्रवाई करता है? अगर समय रहते अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाई जाती, तो शायद जहरीली शराब जैसी घटनाओं को टाला जा सकता था। फिलहाल आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर दी है, लेकिन इस पूरे मामले में जिम्मेदारों की भूमिका और अवैध शराब के नेटवर्क की जांच भी अहम मानी जा रही है। प्रशासन के सामने अब चुनौती सिर्फ शराब जब्त करने की नहीं, बल्कि ऐसे कारोबार को पूरी तरह खत्म करने की है।

