Sports News: दुर्ग पुलिस में डीएसपी के पद पर पदस्थ अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षि कश्यप ने चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी की है। उन्होंने महज दो सप्ताह के भीतर दो अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और खेल के प्रति मजबूत इरादों का परिचय दिया। आकर्षि ने पहले नीदरलैंड में आयोजित प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल अपने नाम किया और इसके बाद तुर्किये इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में भी दूसरा स्थान हासिल किया।
चोट के बाद लगातार दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक जीतना आकर्षि के लिए अहम उपलब्धि है। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय बैडमिंटन में उनकी वापसी को मजबूती मिली है। अब उनकी नजर जर्मनी में होने वाली अगली प्रतियोगिता पर है।
नीदरलैंड में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया
नीदरलैंड में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में आकर्षि कश्यप का सामना डेनमार्क की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अमाली शुल्ज से हुआ। आकर्षि ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए यह मुकाबला सीधे सेटों में 21-15 और 21-13 से जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने फाइनल में जगह बनाई और रजत पदक हासिल किया। चोट से उबरने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन आकर्षि के लिए महत्वपूर्ण रहा। सेमीफाइनल में मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मिली जीत ने उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता को भी साबित किया।
तुर्किये में भी जारी रहा जीत का सिलसिला
नीदरलैंड में पदक जीतने के बाद आकर्षि कश्यप ने तुर्किये इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में हिस्सा लिया। यहां भी उन्होंने अपने खेल का स्तर बनाए रखा और रजत पदक जीतने में सफल रहीं। इस प्रतियोगिता के दौरान आकर्षि ने तीन दिनों में पांच मुकाबले खेले। कम समय में लगातार मैच खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक दबाव बढ़ता है। इसके बावजूद उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में अपनी जगह बनाई और लगातार दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत लिया।अब जर्मनी के HYLO Open पर रहेंगी निगाहें
लगातार दो अंतरराष्ट्रीय रजत पदक जीतने के बाद आकर्षि कश्यप का अगला लक्ष्य जर्मनी में होने वाला HYLO Open बैडमिंटन टूर्नामेंट है। यह प्रतियोगिता 27 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसमें भाग लेने के लिए आकर्षि 23 अक्टूबर को रवाना होंगी। नीदरलैंड और तुर्किये में मिले अच्छे नतीजों के बाद आकर्षि अब जर्मनी में भी बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटेंगी। चोट के बाद उनकी लगातार दो पदक जीतने वाली वापसी ने उनके आगामी मुकाबलों को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं।







