Sterilization Failure: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव स्थित पेंड्री के शासकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (MCH) से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के गायनिक वार्ड में डॉक्टरों की घोर लापरवाही के चलते दो साल पहले कराई गई नसबंदी फेल हो गई और पीड़ित महिला दोबारा गर्भवती हो गई।
इसके बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उन पर जबरन गर्भपात कराने के बाद दोबारा नसबंदी कराने का दबाव बनाया और बात न मानने पर पुलिस कार्रवाई की धमकी तक दे डाली। बिजनापुर के रहने वाले सुमन कुमार वर्मा ने बताया कि लगभग दो साल पहले उनकी पत्नी का मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन (ऑपरेशन) से प्रसव हुआ था। उस समय डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने नसबंदी के लिए सहमति पत्र भरा था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई।
5 महीने के गर्भ का कराया एबॉर्शन
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जब महिला को हाल ही में दोबारा गर्भावस्था के लक्षण महसूस हुए, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच कराने पर पता चला कि महिला 5 महीने की गर्भवती है। आनन-फानन में परिजन महिला को इलाज के लिए दोबारा उसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां 5 महीने के गर्भ का एबॉर्शन (गर्भपात) कराया गया। 5 माह के गर्भपात के बाद महिला की शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी थी।
नसबंदी ना करने पर दी पुलिस की धमकी
परिजनों का कहना है कि वे बिना दोबारा नसबंदी कराए मरीज को घर ले जाना चाहते थे ताकि वह स्वस्थ हो सके। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने फिर से नसबंदी के फॉर्म पर दस्तखत करने के लिए परिजनों को मजबूर किया। मना करने पर डिस्चार्ज न करने और पुलिस में शिकायत करने की धमकियां दी गईं। अंततः एक स्थानीय समाजसेवी के दखल के बाद ही महिला को अस्पताल से छुट्टी मिल सकी।जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग
इस पूरे विवाद पर जब अस्पताल के डॉक्टर पवन जेठानी से बात की गई, तो उन्होंने कहा, "मैं फिलहाल शहर से बाहर हूँ। महिला के इलाज का पुराना रिकॉर्ड देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वैसे कई बार नसबंदी फेल होने की गुंजाइश रहती है। फिलहाल परिजनों की सहमति पर महिला की नसबंदी कर दी गई है।" आमतौर पर दो बार सिजेरियन डिलीवरी होने पर डॉक्टर नसबंदी की सलाह देते हैं, लेकिन ऑपरेशन के दो साल बाद महिला का पुनः गर्भवती होना या तो नसबंदी न किए जाने की ओर इशारा करता है या फिर इसमें भारी तकनीकी चूक हुई है। पीड़ित परिवार ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।